लकड़ियों के लिए उठा लिया जोखिम
संत हिरदाराम नगर भास्कर. भोपाल
विसर्जन घाट पर प्रतिमाओं के स्ट्रक्चर की लकड़ियों के लिए मासूम अपनी जान जोखिम डालते नजर आए। नगर निगम अमले को घाट की सफाई करना थी, लेकिन निगमकर्मी यहां नहीं पहुंचा, जिससे लोगों ने ही घाट से लकड़ियां निकालने का काम शुरू कर दिया।
घाटके करीब जाए हादसा हो सकता है..
सीहोरनाके पर बने झूलेलाल प्रतिमा विसर्जन घाट पर चेतावनी का यह बोर्ड कोई मायने नहीं रखता। गणेश प्रतिमाओं के विजर्सन के बाद यहां रोकटोक होने से प्रतिमाओं से निकलीं लकड़ियों को निकालने के लिए कई महिलाएं और बच्चे घाट में उतरे। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। उन्हें रोकने के लिए घाट पर तो नगर निगम कर्मी नजर आया, पार्क के चौकीदार ने रोका और ही गेट बंद किया गया। गेट खुला होने के कारण बच्चे अंदर पहुंच गए थे। हर साल प्रतिमाओं का विसर्जन होने के बाद घाट की सफाई को लेकर नगर निगम अमला लापरवाही करता है, जिसके चलते इस तरह की हर बार इसी तरह की स्थित नजर आती है।
कुछसाल पहले हो चुका है हादसा
करीबदो साल पहले गणेशोत्सव के ठीक एक दिन पूर्व सीहोर नाका स्थित विसर्जन घाट पर प्रतिमा विसर्जित करने आये एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने सबक नहीं लिया और प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद हर साल की तरह इस साल भी छोटे बच्चे और पुरुषों सहित कई महिलाएं घाट में जरूरत का सामान बीनते नजर आई।
गणेश प्रतिमाओं में से लकड़ियां बीनते विसर्जनघाट पर खड़े बच्चे।