भेल भास्कर .भोपाल
भेल भास्कर .भोपाल
विजयमार्केट बरखेड़ा में राजधानी की सबसे बड़ी झांकी लग रही है, लेकिन भेल प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को वाहन पार्क करने में किसी प्रकार की परेशानी हो। वहीं भीड़ को देखते हुए भी कई लोग अपने वाहन मार्केट के अंदर लाकर परेशानी और ज्यादा बढ़ा देते हैं।
विजय मार्केट भेल टाउनशिप आसपास के क्षेत्र में सबसे पुराने बाजारों में से एक है। इसको राजधानी के सभी हिस्सों के लोग बाहर से आने वाले सबसे बड़ी लगने वाली झांकी के कारण भी जानते हैं। भीड़ भी यहां सबसे ज्यादा होती हे। इस कारण समस्याएं भी यहां सबसे ज्यादा हैं। सड़क पर कचरा इतना ज्यादा है कि तेज हवा के कारण इधर-उधर आने जाने में काफी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी झांकी के दिनों के अलावा बुधवार और शनिवार को लगने वाली हाट के दिन होती है।
विजय मार्केट को पहले अंग्रेजी के यू शब्द के आकार में बनाया गया। इसके बाद चार स्थानों पर दक्षिण दिशा की तरफ भी बढ़ा दिया गया। वहीं बीच की लाइन में कुछ दुकानों को पीछे की तरफ बढ़ाने के लिए जगह दे दी गई। इससे मार्केट का आकार बिगड़ गया। मार्केट में दो पार्क बनाए गए, जिसमें से एक भी अस्तित्व में नहीं है। एक तरफ पार्किंग बनाने की प्लानिंग शुरू हुई, लेकिन खाली भूमि को समतल कर छोड़ दिया गया। दूसरा पार्क आज भी कचराघर बना हुआ है।
सफाईकिसके जिम्मे
भेलनगर प्रशासन का मार्केट होने के कारण साफ-सफाई का जिम्मा इसी का होना चाहिए, लेकिन कभी नगर निगम और कभी भेल प्रशासन के सफाई कर्मी यहां दिखाई देते हैं। दोनों के चक्कर में कई बार एक-दो हफ्ते तक साफ-सफाई नहीं हो पाती है। नालियाें की साफ-सफाई होते यहां लोगों ने पिछले एक साल से नहीं देखी। इस कारण बाजार की सभी नालियां गंदगी से भरी हुई हैं। इन नालियां को अगर कभी साफ किया भी गया तो किनारे पर गंदगी छोड़ दी जाती है। इस कारण वह फिर वापस नाली में पहुंच जाती है। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार कभी नहीं हुई।