जानलेवा बने बिजली के टेढ़े खंभे
पुराने शहर की घनी आबादी वाले इलाकों में बिजली के टेढ़े-मेढ़े खंभे जानलेवा बने हुए हैं। दो माह पूर्व तेज हवा से कई जगह बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी हुई थीं। इसके कारण कई घंटों सिर्फ बिजली गुल रही बल्कि बिजली कंपनी के मैदानी अमले को फाल्ट दूर करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद भी बिजली कंपनी खंभों को दुरुस्त करने में लापरवाही बरत रही है।
जानकारी के अनुसार पुराने शहर के छोला, काजी कैंप, उमराव दूल्हा, बाग, ऐशबाग, अस्सी फिट रोड, जहांगीराबाद, करोंद सहित अन्य घने इलाकों में कई बिजली के खंभे सड़क की ओर झुके हुए हैं। कई तो गिरने की कगार पर हैं। पिछले दिनों तेज आंधी, पानी से इनके गिरने से पुराने शहर में बिजली व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी। इसके कारण कई इलाकों में जल प्रदाय व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी।
क्या कहते हैं लोग
^मामूली हवा और पानी गिरने पर बिजली गुल होने की समस्या तो लंबे समय से है। अब जरूर केबल डाली जा रही है, लेकिन जो बिजली के खंभे गिरने की कगार पर हैं उन्हें तत्काल बदलने की जरूरत है। पुराने शहर में बिजली की समस्या को लेकर बिजली कंपनी भी लापरवाही कर रही है। हरीशकुमार, छोला
^प्री-मानसून मेंटेनेंस में ही लापरवाही होती है। सबसे बड़ी जरूरत बिजली के खंभों को दुरुस्त करने की है। कई जगह तो कमजोर खंभों पर ही भारी भरकम केबल डाल दी गई है। ऐसे में तेज हवा चलने पर इनके गिरने की आशंका है। बिजली कंपनी के आला अधिकारियों को इन कामों पर नजर रखना चाहिए। मोअमीन, काजीकैंप
िशकायत करें होगी कार्रवाई
^पिछले दिनों तेज हवा और बारिश के दौरान कुछ बिजली के खंभे जरूर गिरे थे। जिन्हें दुरुस्त कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि कहीं समस्या है तो शिकायत दर्ज करवाएं तत्काल कार्रवाई करवाई जाएगी। एकेखत्री, महाप्रबंधक,शहर वृत्त, मप्रमक्षेविविकं
इसकी भी हो रही है अनदेखी
प्री-मानसून मेंटेनेंस के दौरान बिजली के तारों खंभों के आसपास से पेड़ों की टहनियों को काटा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं करने से कई जगह बिजली के तारों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं थीं। इस काम में जहां नगर निगम अमला गिरे पेड़ों को हटाने में लगा रहा तो वहीं बिजली कंपनी का अमला लाइनों को दुरुस्त करने में जुटा। इसके बाद भी कई जगह व्यवस्था में सुधार की जरूरत है जिसकी अनदेखी की जा रही है। इससे परेशानी