सहकारिता चुनाव को लेकर मचा घमासान
^चुनावकी प्रक्रिया को लेकर किसी को आशंका करने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया नियमानुसार होगी। बिना किसी वैध कारण के नामांकन निरस्त होने की बात कपोल कल्पना है।\\\'\\\' -मनोजगुप्ता, चुनावअधिकारी
अनुशासन का पालन हुआ
भाजपासहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत भार्गव ने कहा कि शेखावत सहित कुछ नेता संगठन के आदेश पर ही संचालक बने हैं। मोटे तौर पर पूरे प्रदेश में अनुशासन का पालन हुआ है।
भोपाल में भक्तपाल हैं अध्यक्ष के दावेदार
भोपालमें यदि चुनाव को लेकर कोई अड़चन नहीं आई तो पूर्व विधायक भक्तपाल सिंह का बैंक अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है। संगठन ने भक्तपाल के साथ गोपाल मीणा, पर्वत सिंह, सुनील पुरोहित, पतिराम, ओमप्रकाश मेवाड़ा, कामता पाटीदार, केदार सिंह मंडलोई, शिवनारायण मीणा, संतोष मीणा, प्रताप गुर्जर, इंद्राणी दत्ता और विनोद भारद्वाज को संचालक बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
तिवारी ने जताई गड़बड़ी की आशंका
तिवारीने कहा कि कई नेताओं ने पार्टी लाइन को तोड़ा, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। मेरे खिलाफ कार्रवाई इसलिए हुई, क्योंकि मैंने 1600 करोड़ के जमीन घोटाले का मामला उठाया था। इसलिए चुनाव में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
डेढ़ दर्जन बैंकों के चुनाव हो चुके हैं स्थगित
विशेषसंवाददाता | भोपाल
जिलासहकारी बैंकों के चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपेक्स बैंक के अध्यक्ष भंवरसिंह शेखावत और इंदौर के विधायक रमेश मेंदोला सहित कुछ अन्य नेताओं के बैंकों में डायरेक्टर चुने जाने को लेकर पार्टी नेताओं में असंतोष बरकरार है। भोपाल में पूर्व अध्यक्ष विजय तिवारी को निलंबित करने के बावजूद संगठन को यह भरोसा नहीं है कि यहां उनकी मर्जी के अनुसार चुनाव हो जाएंगे। ऐसे में चुनाव स्थगित करने का विकल्प भी खुला हुआ है। अब तक प्रदेश की डेढ़ दर्जन बैंकों में चुनाव स्थगित हो चुके हैं और इसकी असल वजह नेताओं में सहमति नहीं बनना ही बताई जाती है।