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मध्यप्रदेश के सभी कॉलेजों को बनाया जाए डिसेबल्ड फ्रेंडली

7 वर्ष पहले
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सरोजिनीनायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इंग्लिश डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहित त्रिवेदी को हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विकलांग जन सशक्तीकरण के लिए नेशनल अवॉर्ड प्रदान किया है। उन्हें नई दिल्ली में मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड इंपावरमेंट की ओर से आयोजित अवॉर्ड सेरेमनी में सम्मानित किया गया।

बचपन से दृष्टिबाधित डाॅ. रोहित काे इस उपलब्धि के लिए मंगलवार को कॉलेज कैंपस में सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा केके सिंह ने दिया। इस अवसर पर डॉ. त्रिवेदी के पिता एनएम त्रिवेदी को भी सम्मानित किया गया। यहां डॉ. रोहित ने कहा कि विकलांगता अभिशाप नहीं है। लोग विकलांग बच्चों को ओवर प्रोटेक्ट करने लगते हैं या फिर नेगलेक्ट।

उन्होंने इस मौके पर प्रमुख सचिव से निवेदन किया कि प्रदेश के सभी कॉलेजेस को डिसेबल्ड फ्रेंडली बनाया जाए। उन्होंने हिंदी ग्रंथ अकादमी से तैयार होने वाली कोर्स की किताबों को ऑनलाइन कर यूनिकोड में प्रकाशन का सुझाव दिया, ताकि कोई भी दृष्टिबाधित इसे वाइस सॉफ्टवेयर के जरिए पढ़ सके। इस प्रमुख सचिव श्री सिंह ने कहा कि यह अच्छा सुझाव है। इस बारे में वे अपनी टीम से चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिस हॉल में सम्मान समारोह हो रहा है, इसकी हालत बेहद खस्ता है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन को जनभागीदारी के साथ मिलकर इसके मेंटेनेंस का काम कराना चाहिए। सम्मान समारोह में कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. शोभना बाजपेयी मारू ने डॉ. रोहित के एजुकेशन अौर अारुषि संस्था के वॉलेंटियर्स के रूप में किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की।

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कॉलेज में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में सम्मान ग्रहण करते डॉ. रोहित त्रिवेदी (दाएं से दूसरे)।