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शौक में सबकुछ गंवा दिया

7 वर्ष पहले
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शहीदभवन सभागार में बुधवार को नाटक ‘उजबक राजा तीन डकैत’ का मंचन हुआ। सवारी डिब्बा, पुन: निर्माण कारखाना, भोपाल की रजत जयंती के अवसर पर पश्चिम मध्य रेल सांस्कृतिक अकादमी की ओर से इस नाटक की प्रस्तुति दी गई। इसका निर्देशन जोगेंद्र श्रीवास्तव और लेखन अलख नंदन ने किया। नाटक में बताया गया कि किस तरह एक राजा नए कपड़े पहनने के शौक के कारण सबकुछ गंवा देता है।

नाटकका स्टोरी प्लॉट

नाटकराजा के शौक के साथ शुरू होता है। संपन्न प्रदेश के राजा को नए-नए कपड़े पहनने का शौक रहता है। इस शौक के लिए वह राज्य के जरूरी खर्चों में कटौती करके पैसा लुटाता है। धीरे-धीरे राज्य की आर्थिक हालत और खराब होती जाती है। इस बीच कुछ विदेशी ठग राजा की प्रशंसा करते हुए उसे ठगने आते हैं। नाटक कॉमेडी से भरपूर रहा। इसमें कलाकारों की वेशभूषा भी आकर्षक रही। िनर्देशक जोगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह नाटक हैंस क्रिश्चियन एंडरसन की कहानी ‘द एम्परर्स न्यू क्लॉथ्स’ से प्रेरित है। कहानी अलग-अलग प्रहसनों का कोलाज है। नाटक बच्चों और बड़ों को फोकस करता है।

मंचपर

सुधीरजाधव, प्रभात सूर्यवंशी, सारंगधर, शरद जैन, हेमलता पवार, तुलसी राम सैनी, सत्येंद्र आदि ने अभिनय किया।

मंचसे परे

भगवानदास, देवेंद्र सेन, लोकनाथ विश्वकर्मा, आदर्श शर्मा, वंदना श्रीवास्तव, साबिर खान आदि ने नाटक को सफल बनाने में सहयोग दिया।

शहीद भवन सभागार में बुधवार को नाटक \\\"उजबक राजा तीन डकैत\\\' की प्रस्तुति देते पश्चिम मध्य रेल सांस्कृतिक अकादमी के कलाकार।

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