10 विभाग के लिए निर्मित हुए पद
राज्यशासन ने बड़े विभागों में वित्तीय सलाहकार का अपर सचिव स्तर का पद निर्मित किया है। इस पर मप्र वित्त एवं लेखा सेवा या अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की पोस्टिंग करने का प्रावधान है। इसमें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में अफसरों की पदस्थापना की गई है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास, वन, गृह, जल संसाधन और ऊर्जा विभाग में भी वित्त के सलाहकार के पद निर्मित किए गए हैं।
यहमहत्वपूर्ण अधिकार दिए
वित्तीयअधिकारियों को बजट से समर्पित राशि के आदेश जारी करना, अस्थाई पदों की निरंतरता जारी करना, राशि को अगले तीन महीने में खर्च करने के आदेश, विभाग के अंतर्गत खोले गए व्यक्तिगत जमा खाता के निरंतरता की स्वीकृति, मदों में निर्धारित व्यय की सीमा से 25 प्रतिशत अधिक व्यय तक की अनुमति, एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण के अधिकार, वाहन क्रय की अनुमति, के-डिपाजिट से राशि निकालने की अनुमति देने संबंधी जैसे महत्वपूर्ण अधिकार दिए गए हैं। खास बात यह भी है कि वित्तीय सलाहकार का पद मुख्यमंत्री के संकल्प एवं 100 दिवसीय कार्ययोजना में सम्मिलित होने के बाद सृजित किए गए हैं। बावजूद इसके यह प्रणाली लागू होने के पहले ही विवादों में घिर आई है।
बातकरने से बचे
इसमुद्दे पर चर्चा के लिए वित्त मंत्री जयंत मलैया एवं अपर मुख्य सचिव वित्त अजय नाथ से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।