एलपीजी से वैन चलाना चाहते हैं संचालक
राजधानीमें स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे वैन संचालकों ने अब प्रशासन के सामने एक नई शर्त रखी है। वे चाहते हैं कि उन्हें शहर में तब तक एलपीजी गैस किट से वैन चलाने की अनुमति दी जाए, जब तक कि यहां सीएनजी की सप्लाई शुरू नहीं हो जाती। वह अपनी गाड़ियों को जनसेवा वाहन भी घोषित कराना चाहते हैं, ताकि परमिट लेते वक्त स्कूल का अनुबंध पत्र लगाना पड़े। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के चलते कुछ वैन संचालकों ने नया एसोसिएशन भी बना लिया है। यह शर्तें इसी एसोसिएशन ने रखी हैं।
वैन संचालकों ने रविवार को बैठक कर अपनी कई मांगें प्रशासन के सामने रखीं। उधर, आरटीओ अजय कुमार गुप्ता ने साफ किया है कि जब तक वैन संचालक नियम से नहीं चलेंगे, कार्रवाई जारी रहेगी।
अनुबंधपत्र की अनिवार्यता खत्म हो
स्कूलवाहन चालक कल्याण समिति के अध्यक्ष मोहम्मद यूनुस कुरैशी ने बताया कि परमिट फिटनेस सर्टिफिकेट लेने को तैयार हैं परंतु स्कूल से अनुबंध पत्र की अनिवार्यता खत्म की जाए। कुरैशी के मुताबिक डीजल गाड़ी लेने के लिए आसान किश्तों पर लोन दिलाया जाए तो वैन संचालक परमिट ले लेंगे।
कमर्शियल परमिट देने पर हुई थी बात
करीबदो महीने पहले सांसद आलोक संजर और कलेक्टर निशांत वरवड़े की मौजूदगी में वैन संचालकों ने कमर्शियल परमिट करवाने के लिए आरटीओ में आवेदन देने की बात कही थी, लेकिन सिर्फ चार ने ही आवेदन दिए हैं।
आज तय होगी रणनीति
भेलके दशहरा मैदान में वैन संचालकों की बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पीसी शर्मा ने भी वैन संचालकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे वैन संचालकों की मांगों को लेकर सोमवार को परिवहन मंत्री आरटीओ से बातचीत करेंगे। इसके बाद अगली रणनीति तय की जाएगी।
फाइल फोटो