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कुछ पाने के लिए करना पड़ता है सैक्रिफाइज: गुरलीन

7 वर्ष पहले
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रैंप पर उतरीं गुरलीन ग्रेवाल

‘लाइफमें कोई शार्टकट नहीं होता है। सक्सेस के पीछे हार्ड वर्क डेडिकेशन होता है। कुछ पाने के लिए सैक्रिफाइज करना पड़ता है।’ यह कहना था 22 वर्षीय \\\"मिस इंडिया इंटरनेशनल-2013\\\' गुरलीन ग्रेवाल का। वे रविवार को सी-21 मॉल में आईआईएसईआर के ‘एंथुजिया-2014’ फेस्ट में शिरकत करने भोपाल आईं थीं। इस मौके पर सिटी भास्कर से उन्होंने अपना अनुभव साझा किया...

ऐसेशुरू हुआ मेरा सफर

गुरलीनने कहा, ‘मेरे पापा आर्मी ऑफिसर हैं। मुझे शुरू से डिसिप्लिन, टाइम मैनेजमेंट और हर काम को सिस्टेमैटिक ढंग से करने के बारे में बताया गया। स्कूल टाइम में मैं सेलिब्रिटीज को देखती थी। वो मुझे काफी अट्रैक्ट करती थीं। कॉलेज टाइम में मेरे फ्रेंडस ने मुझे मॉडलिंग की फील्ड में ट्राय करने के लिए बहुत फोर्स किया। फ्रेंडस के कहने पर शुरू हुए इस सफर ने मुझे मिस दिवा में फर्स्ट रनर-अप और मिस इंडिया इंटरनेशनल-2013 का खिताब दिलाया। इसके लिए मेरे फ्रेंड्स को ही क्रेडिट दूंगी।’



मिसइंडिया इंटरनेशनल-2013 की रनर-अप रह चुकी हैं गुरलीन।

होशंगाबाद रोड स्थित सी-21 मॉल में सैकड़ों ऑडियंस के बीच रैंपवॉक करतीं मिस इंडिया इंटरनेशनल-2013 गुरलीन ग्रेवाल। फोटो:शान बहादुर

\\\"एंथुजिया\\\" के लिए ऑडिशन देती स्टूडेंट।

एक्टिंग के बारे में अभी नहीं सोचा

\\\"मैंने अभी ग्रेजुएशन पूरा किया है। मिस इंडिया का कॉन्ट्रैक्ट भी चल रहा है। मम्मी चाहती हैं कि आगे पढ़ाई करूं, इसलिए अभी फिल्मों में आने का कोई प्लान नहीं है।\\\'

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