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हिंदी दिवस पर छूटे व्यंग्य के बाण

7 वर्ष पहले
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व्यंग्यके तीरों से हास्य कवियों का गुदगुदाने का सिलसिला जैसे ही शुरू हुआ तो दर्शकों का अपनी हंसी रोक पाना मुश्किल हो गया। मौका था रविवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन ‘बहुरंग’ का। इस कार्यक्रम में लाफ्टर चैलेंज विनर सुरेश अलबेला समेत देश के जाने-माने कवि प्रो. राजीव शर्मा, मनीष वाजपेयी, लक्ष्मण नेपाली, मनवीर मधुर और कवयित्री कीर्ति काले ने अपने हंसगुल्लों से दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। इस खास मौके पर सुरेश अलबेला की हंसीदार प्रस्तुति के साथ ही आगरा के वीर रस के कवि मनवीर मधुर ने ‘गांधी के अहिंसावादी मूल्यों का करिएगा चिंतन, बोस जैसी क्रांति के पुजारी बन जाइए’ से लोगों का दिल जीता।

सुरेश अलबेला और मनवीर मधुर

प्रोफेसर राजीव शर्मा

मानव संग्रहालय में आयोजित कवि सम्मेलन \\\"बहुरंग\\\" में रविवार को हास्य रस से सराबोर होते श्रोता।

kavi sammelan

बेटियों पर सुनाई कविता

कवि मनीष वाजपेयी ने बेटियों पर समर्पित कविता ‘मत कहो पराया तुम इसको, दिल की तिजोरी की असली संपत्ति है मेरी बच्ची...’ से दर्शकों को भाव-विभोर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अालोक संजर उपस्थित थे। अध्यक्षता मनोज श्रीवास्तव (प्रमुख सचिव, संस्कृति एवं वाणिज्य कर) ने की।