संविदा पर चल रहा है िसंचाई विभाग
सवाल कनिष्ठ या वरिष्ठ का नहीं, बल्कि सुपात्र का है
^मैं नहींजाता हूं कार्यालय
मैंअब कार्यालय नहीं जाता हूं। आपको गलत जानकारी मिली है। संविदा नियुक्ति के बारे में अभी तक मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है। मैं अभी जबलपुर में हूं।
संजीवश्रीवास्तव, रिटायर्डमुख्य अभियंता, दतिया
^ नियुक्तिकी खबरें रही हैं
पूर्वमुख्य अभियंता संजीव श्रीवास्तव की इस पद पर संविदा नियुक्ति की खबरें रही हैं। इस पद पर मुझे प्रमोट किया जाएगा अथवा नहीं, इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
डीकेगौड़, प्रभारीमुख्य अभियंता, राजघाट परियोजना
केस-4
राजघाट परियोजना दतिया में पदस्थ रहे मुख्य अभियंता संजीव श्रीवास्तव गत जून माह में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद भी वे अब तक अपने प्रभार में बने हुए हैं। हालांकि श्रीवास्तव की अभी तक संविदा नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन प्रमुख सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहित विभाग के अनेक महत्वपूर्ण कार्य अभी भी वे ही कर रहे हैं।
केस-3
कार्यपालन यंत्री मोहन सिंह गत 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। दो माह बाद यानी जुलाई माह में इसी पद पर उनकी संविदा नियुक्ति कर दी गई। खास बात यह रही कि सिंह को संविदा नियुक्ति की अनुमति मिली जुलाई में और उसका क्रियान्वयन हुआ एक मई से। ऐसा क्यों हो रहा है, इसका जवाब अफसरों के पास नहीं है।
केस-2
विभाग के प्रमुख अभियंता आरके चाचौंदिया 2006 में रिटायर होने के बाद से ही विभाग में जमे हुए हैं। अब वे कमांड क्षेत्र विकास परामर्श विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रहे हैं। इनकी सेवा शर्तों में लिखा है कि इन्हें मानदेय 40 हजार रुपए दिया जाएगा। यदि वे शासन के वाहन का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो 20 हजार रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे।
केस-1
जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता एमजी चौबे वर्ष 2011 में रिटायर हो चुके हैं। लेकिन वे आज भी अपने पद पर बने हुए हैं। उनकी हर साल संविदा नियुक्ति बढ़ाई जा रही है। वे वर्ष 2015 तक इस पद पर बने रहेंगे। चौबे की तरह ही अनेक अधिकारी तथा कर्मचारी हैं, जिन्हें उपकृत करने के लिए संविदा नियुक्ति दी जा रही है।
^फिर टालगए सवाल
इसबारे में आपको जो भी सवाल पूछना है, वह जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से लिखित में भेजिए, तब मैं जवाब दूंगा। (जुलानिया के ई-मेल पर सवाल भी मेल किए, लेकिन कोई जवाब नहीं आया ) राधे