एक साल भी नहीं चलीं डामर-सीसी सड़कें
बारिशमें हुए सड़कों के गड्ढे अब भी ताजा नजर रहे हैं। इन्हें भरवाने की कोई कोशिश ही नहीं की गई। बारिश कम होने से लोग गड्ढों से तो परेशान हैं ही उखड़ी सड़कों की जीरा गिट्टी से उड़ती धूल भी परेशानी का कारण बनी हुई है। वहीं भेल क्षेत्र की कई कॉलोनियों में सीसी सड़कों को बने अभी एक साल भी नहीं हुआ सभी सड़कों में बड़ी-बड़ी दरार हो गईं और डामर की सड़कों से गिट्टी निकल गईं। इससे कई कॉलोनियों की सड़कों पर बड़े गड्ढे हो गए हैं। रहवासियों के अनुसार निजामुद्दीन कॉलोनी, आजाद नगर, कमला नगर और श्रीराम कॉलोनी के साथ बाग मुगालिया क्षेत्र में बनीं सीसी रोड की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
यहांहैं अधूरी सड़कें
निजामुद्दीनकॉलोनी, छत्रसाल नगर रविदास नगर में अधूरी सीसी रोड बनने से परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। जबकि कमला नगर सहित कुछ कॉलोनियों की सीसी रोड बनने के तुरंत बाद ही गिट्टी ऊपर दिखने लगी थी। अब यह गिट्टी उखड़कर बाहर निकलने लगी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की सड़कों को 12 साल तक के लिए तैयार किया जाता है, भेल क्षेत्र में कहीं भी ऐसी सड़क नहीं बनी जो 12 साल तक चल सके। उनका कहना है कि सड़कों को बनाने की तो प्रक्रिया ठीक थी ही इनमें गुण
बेकार गई राशि
रहवासियों के अनुसार आजाद नगर, कमला नगर और निजामुद्दीन कॉलोनी में करीब 10 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़कों का निर्माण किया गया था। सड़क निर्माण के समय गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इस कारण यहां सड़कों में बड़ी-बड़ी दरारें गईं। दरारें इतनी बड़ी हैं कि इसमें साइकिल का पहिया तक फंस सकता है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार ठेकेदार की तीन साल तक की जवाबदारी रहती है। यदि समय से पहले सड़क खराब हुई है, तो उसका रखरखाव किया जाएगा। इसके बाद भी एक भी सड़क दोबारा बनाने के लिए एक भी ठेकेदार आगे नहीं आया।
बदहाली
भेल क्षेत्र में भले ही कई सड़कों का डामरीकरण किया गया हो, कई सड़कें नए सिरे से बनाई गई हों पर कोई ऐसी सड़क नहीं िजसकी हालत ठीक हो। सड़कों की बदहाली से भेल का हर नागरिक परेशान है...
कॉलोनियों की सड़कें भी हुईं बदहाल, बढ़े गड्ढे
डामर की सड़कों पर पैचवर्क भी नहीं हुआ
सीमेंट-कांक्रीट सड़कों की सबसे ज्यादा खराब हालत
िवशेषज्ञों का कहना है कि गुणवत्ता का नहीं रखा गया था ख्याल
^भेल क्षेत्र में कहीं भी सीसी रोड बनाते समय क्वालिटी का ध्य