राजेश चंचल.भोपाल
राजेश चंचल.भोपाल
शक्तिकी साधना और आराधना के शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। शहर में करीब आठ सौ से अधिक स्थानों पर देवी प्रतिमाओं की स्थापना होगी। झांकी पंडाल देवी मंदिर सज रहे हैं। खास बात यह है कि इस वर्ष भी कई झांकियां 15 से 25 लाख रुपए तक की लागत से बन रही हैं। गत एक दशक पूर्व तक अधिकतम दस लाख रुपए लागत की ही कुछ झांकियांं बनती थीं। अब शहर में करीब दस स्थानों पर बड़ी झांकिया सजाई जा रही हैं, जिनकी लागत 15 लाख से अधिक है।
इन झांकियों का निर्माण पिछले कोई एक माह से अधिक समय से चल रहा है। कहीं बैंगलुरू का प्रसिद्घ राधा कृष्ण मंदिर की झांकी सजाई जा रही है, तो कहीं मैसूर पैलेस की प्रतिकृति बन रही है। शहर में यह झांकियां अभी से चर्चा आकर्षण का केंद्र बन चुकी हैं। बिट्टन मार्केट, न्यू मार्केट, बरखेड़ा विजय मार्केट, जवाहर चौक, पारस नगर करोंद, विश्वकर्मा नगर, कोटरा, एमपी नगर, मंगलवारा, चौक, दुर्गा चौक तलैया, जिंसी आदि क्षेत्रों में झांकियों को आकर्षक रूप दिया जा रहा है। तांत्रिक नवचंडी दरबार ऐशबाग, करुणाधाम कोटरा, आशापुरा दरबार कोहेफिजा, ममतामयी शक्ति पीठ परवलिया सड़क में भी विभिन्न अनुष्ठान होंगे।इधर, बताते हैं कि दशहरा पर दहन के लिए बनाए जाने वाले बुराइयों के प्रतीक रावण के पुतलों का कुछ समितियों ने हर वर्ष कद एक फीट कम करने का फैसला लिया है। एक दशक पूर्व तक करीब 15 स्थानों पर इसका दहन होता था, अब यह संख्या बीस हो गई है।