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पुराने शहर के वार्ड कार्यालय में बनी पहली हाईटेक लाइब्रेरी
पुराने शहर के वार्ड कार्यालय में नगर निगम द्वारा करीब बीस लाख रुपए से बनवाई गई अत्याधुनिक लाइब्रेरी से युवा वर्ग को काफी लाभ मिल रहा है। इसका निर्माण नगर निगम द्वारा कराया गया है। यहां सभी किताबें व्यवस्थित रूप से रखी गई हैं बल्कि लोगों के बैठने के लिए आरामदेह कुर्सियां और टेबल भी मौजूद है। बड़ी संख्या में युवा वर्ग यहां आकर किताबों से अध्ययन भी कर रहे हैं। कई ऐसे युवा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं वे तो दिन भर किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी सभी किताबें यहां मौजूद होने से किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक खुली रहने वाली उक्त लाइब्रेरी की निगरानी के लिए स्टॉफ भी मौजूद है।
यहां एक हजार से अधिक किताबें हैं। जिनमें एमपी पीएससी, यूपी पीएससी, बैंक, रेलवे, कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग, स्पोर्ट्स व्यंजन, महिलाओं से जुड़े विषय, मानव अधिकार, बाल श्रम के अलावा अधिकांश धर्मों की धार्मिक किताबें मौजूद हैं। हर आयु-वर्ग के अलावा विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी किताबें होने से यहां आने वालों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ रही है। युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है। स्कूली बच्चों के लिए भी यहां बाल पाकेट की किताबें मौजूद हैं।
वार्ड नंबर 12 कार्यालय के ऊपर बनी हाईटेक लाइब्रेरी। यहां अध्ययन के लिए बड़ी संख्या में युवा वर्ग पहुंच रहा है।
^ पुराने शहर के प्रत्येक वार्ड में इस तरह की लाइब्रेरी होना चाहिए। ऐसे युवा जो प्रतियाेगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए उक्त लाइब्रेरी में कई ज्ञानवर्धक किताबें उपलब्ध हैं। इसलिए हम यहां नियमित अध्ययन करते आते हैं। रुपेशदीक्षित, टीलाजमालपुरा
^वार्ड नं. 12 में बनी लाइब्रेरी में सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए किताबों का अच्छा संकलन है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए ये किताबें काफी उपयोगी साबित हो रही हैं। हम रोजाना यहां अध्ययन करते हैं। साजिदखान, शाहजहांनाबाद
^पुराने शहर के वार्ड 12 की तर्ज पर सभी वार्डों में लाइब्रेरी का निर्माण होना चाहिए। यहां पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण है। घनी बस्ती में इस तरह की लाइब्रेरी युवाओं के लिए बेहतरीन सौगात है। यहां किताबों का संकलन भी काफी अच्छा है। सुरेशनामदेव, रेजीमेंटरोड
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