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इंजीनियर-प्रोफेसरों को रिटर्न भरने के लिए दो माह का समय
डॉक्टर, इंजीनियर और प्रोफेसर समेत एक करोड़ रु. या उससे अधिक का टर्न ओवर रखने वाले व्यापारियों को रिटर्न जमा करने के लिए दो माह की मोहलत और मिल गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रिटर्न जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी। इसका लाभ लेने वालों को इस अवधि का ब्याज देना पड़ेगा।
सीबीडीटी ने यह निर्णय चार हाईकोर्ट गुजरात, मुंबई, चेन्नई और आंध्रप्रदेश-तेलंगाना के अंतिम तिथि बढ़ाने के निर्देशों के बाद लिया है। हाईकोर्ट ने कहा था कि जिस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर रिटर्न जमा होता है, उसकी तिथि जब 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है तो रिटर्न की तिथि बढ़ानी चाहिए।
इसी के बाद सीबीडीटी ने यह निर्णय लिया। भोपाल समेत मप्र के दस हजार से अधिक करदाताओं को इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें असेसमेंट वर्ष 2014-15 का रिटर्न जमा करना है।
ये होगा फायदा
रिटर्न की तिथि बढ़ने के बाद ब्याज तो करदाता देना होगा, लेकिन उसे यह राहत मिलेगी कि रिटर्न में कमी रह जाने पर वह उसे रिवाइज कर सकेगा। जबकि प्रावधान यह है कि रिटर्न भरने में एक दिन की भी देरी होने पर रिवाइज का मौका नहीं मिलता। ब्याज कुल टैक्स डिमांड का डेढ़ फीसदी होगा।
- कोट्स...
^सीबीडीटी ने समय रहते अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इससे रिटर्न जमा करने का दबाव वेबसाइट के साथ सीए पर भी कम हो गया है। ब्याज देने में कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि रिटर्न को रिवाइज करने का मौका मिलेगा। अन्यथा रिटर्न भरने में देर होने पर ब्याज के साथ पैनल्टी भी लगती है। रिवाइज का मौका भी नहीं मिलता।
-राजेश जैन, सीए
ये आएंगे दायरे में
{एककरोड़ रुपए या इससे अधिक का टर्नओवर रखने वाले।
{डॉक्टर, इंजीनियर या प्रोफेशनल्स, जिनका टर्नओवर 25 लाख रुपए या इससे अधिक है।
{ऐसे व्यक्ति जो अपने टर्नओवर के आधार पर 8 फीसदी से कम आय बता रहे हैं।
{ट्रक अथवा रोड ट्रांसपोर्ट से जुड़े करदाता, जो निर्धारित आय 7500 रुपए प्रतिमाह-प्रति ट्रक से कम बता रहे हैं।