पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दोहरी बचत के लिए जमीन की कीमत कम दर्शाई

दोहरी बचत के लिए जमीन की कीमत कम दर्शाई

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलापंजीयक कार्यालय ने जमीन बेचने वाले किसान भंवरलाल लोधी, ऋतुराज सिंह और उनकी प|ी के खिलाफ भारतीय स्टांप एक्ट के सेक्शन 64 के तहत धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर का अपराध माना है। इस कृत्य के लिए उन पर आईपीसी की धारा 420, 467 और 468 के तहत प्रकरण चल सकता है। दूसरी तरफ जिला पंजीयक कार्यालय ने तहसीलदार रायसेन को पत्र लिखकर जमीन के नामांतरण पर रोक लगाने अथवा नामांतरण निरस्त करने का कहा है। इस जमीन का अब तक नामांतरण भी हुआ है या नहीं इस बात की तहकीकात की जा रही है। अगर नामांतरण हो गया होगा तो जमीन बेचकर स्टांप शुल्क की रिकवरी की जाएगी।

तहसीलदार को लिखा है

रायसेनतहसीलदार को इनकी जमीन का नामांतरण निरस्त करने के लिए लिख दिया है। अब यह उनका क्षेत्राधिकार है कि वे आगे क्या करते हैं? अगली सुनवाई अक्टूबर 2014 में है। उसके बाद ही फैसला हो पाएगा।

के.के.रैना, जिलापंजीयक रायसेन

सुनवाई जिला पंजीयक कर रहे

मामलेमें शिकायत आने के बाद नोटिस जारी किया गया था। यह मामला जिला पंजीयक के यहां चल रहा है। 22 सितंबर को क्या हुआ है अभी इस बारे में जानकारी नहीं है। आप जिला पंजीयक से बात कर लें।

जेकेजैन, कलेक्टररायसेन

मैंने नोटिस भारत सरकार को फॉरवर्ड कर दिया

हमारेउप निदेशक के मामले में डीएम की तरफ से कोई नोटिस आया था। मैंने उसे भारत सरकार को भेज दिया है। अब जो भी कार्यवाही की जाएगी वह केंद्र सरकार की तरफ से ही होगी।

डॉ.संदीप कुमार, डायरेक्टर,एम्स भोपाल

विभाग को बताया 13 लाख का सौदा

ऋतुराज सिंह ने जो जमीन अभी करीब 13 लाख रुपए में खरीदी है उसके लिए उन्होंने करीब सवा लाख रुपए स्टांप ड्यूटी चुकाई है। यदि वह इस जमीन की एग्रीमेंट के अनुसार 42 लाख रुपए में रजिस्ट्री कराते तो उन्हें करीब सवा तीन लाख रुपए की स्टांप ड्यूटी लगती। कम कीमत में रजिस्ट्री कराने में पहला फायदा तो यह हुआ कि सीधे दो लाख रुपए बच गए। लेकिन इससे भी बड़ा फायदा यह हुआ कि अब उन्हें विभाग को यही बताना पड़ेगा कि 13 लाख रुपए में उन्होंने उपरोक्त जमीन खरीदी है।

अरुणाचल प्रदेश से प्रतिनियुक्ति पर भोपाल में हैं पदस्थ

ऋतुराज सिंह एजी एमयू (अरुणाचल-गोवा-मिजोरम) कैडर के आईएफएस हैं। वे भारतीय वन सेवा में वर्ष 1997 में आए। इनकी रैंक चीफ कंजरवेटर यानी सीएफ की है। इस समय यह केंद्र द्वारा एम्स भोपाल में बतौर डिप्टी