रेलवे स्टेशन पर महंगा हो सकता है खाना
अगलेमहीने से भोपाल सहित हबीबगंज और इटारसी रेलवे स्टेशन पर बिकने वाले खाने की कीमत बढ़ सकती है। वजह यह कि रेलवे ने स्टेशनों पर नए कैटरिंग कांट्रेक्ट के प्रस्ताव देने वालों के लिए अर्नेस्ट मनी से लेकर टर्न ओवर तक की लिमिट काफी बढ़ा दी है। इसके चलते केवल बड़े कांट्रेक्टर ही पहले की अपेक्षा काफी अधिक पैसा देकर कांट्रेक्ट हासिल कर सकेंगे। इसकी भरपाई वे यात्रियों को बेचे जाने वाले खाने पर ओवर चार्ज लगाकर करेंगे। इससे खाने का छोटे से छाेटा आइटम भी महंगा हो जाएगा।
रेलवे ने कैटरिंग कांट्रेक्ट में अर्नेस्ट मनी को बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। पहले यह 10 फीसदी जमा करने की शर्त थी। यह पहली बार है कि रेलवे ने इतनी अधिक अर्नेस्ट मनी की शर्त रखी है। इतना ही नहीं, कांट्रेक्टर के लिए सालाना टर्न ओवर 20 लाख की बजाय 25 लाख कर दिया गया है। इससे छाेटे कांट्रेक्टर के लिए कांट्रेक्ट हासिल करना संभव ही नहीं रह गया है इसी का नतीजा है कि शुक्रवार को इटारसी रेलवे स्टेशन के 14 स्टॉल्स के लिए छह दर्जन प्रस्ताव भी जमा नहीं हो सके। अब 18 दिसंबर को भोपाल और अगले महीने हबीबगंज स्टेशन के लिए कैटरिंग के कांट्रेक्ट के लिए टेंडर भरे जाना है। इससे कई छोटे कांट्रेक्टर टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं। इधर, सीनियर डीसीएम बृजेंद्र कुमार का कहना है कि रेलवे बोर्ड के नियमों के अनुसार ही दरें तय की गई हैं।
इसके पहले वर्ष 2010 में इन्हीं रेलवे स्टेशनों के लिए निकाले गए कैटरिंग टेंडर में टर्न ओवर 20 लाख और अर्नेस्ट मनी मात्र 10 फीसदी जमा करने की शर्त रेल मंडल ने रखी थी। उस दौरान छोटे कांट्रेक्टरों ने भी टेंडर भर दिए थे। नई शर्तों के बाद वे टेंडर प्रक्रिया से ही बाहर हो गए हैं।
छोटे कांट्रेक्टरों के टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो जाने के बाद कई लोग अवैध वेंडिंग के काम में लग सकते हैं। इसका खामियाजा भी रेलवे प्रशासन और यात्रियों को भुगतना पड़ सकता है। अवैध वेंडर से अचानक खाना लेने पर यदि यात्री बीमार हो जाता है या कोई घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी लेने कोई तैयार नहीं होगा।