क्रिश्चियनों की सभा में मिले आदिवासी
धर्मपरिवर्तन की आशंका में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार दोपहर क्रिश्चियन समाज के एक कार्यक्रम में घेराबंदी की। इनका आरोप था कि कार्यक्रम में आदिवासियों का धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल से 40 आदिवासी बीमार हालत में मिले। इन्हें प्रार्थना के जरिए ठीक करने का आश्वासन देकर लाया गया था। सूचना मिलते ही एसडीएम अवधेश शर्मा और सीएसपी पीएस राणावत के साथ प्रशासनिक अमला पहुंचा। उन्होंने धर्म परिवर्तन की शिकायत पर उपस्थित लोगों के बयान दर्ज किए।
जानकारी के मुताबिक पेंटिकॉस्टल चर्च आफ मोड की यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल ने यहां 11 दिसंबर से दो दिवसीय मसीही आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया था। कार्यक्रम के वक्ता के तौर पर केरल से ब्रदर थॉमस, भोपाल से जॉय थॉमस तथा सहयोगी उन्नी एमए रतलाम आए थे। समारोह में मौजूद हाड़ोका (रावटी) के विक्रम अमलियार ने बताया कि शुक्रवार को कार्यक्रम चल रहा था, तभी दोपहर करीब 3.30 बजे हिंदूवादी संगठन अन्य लोगों के आने से इसे रोक दिया गया।
नौकरीका लालच दिया था: शिकायतकर्तामोतीलाल नि. राजाखोरा (बाजना) ने बताया कि राजापुरा माताजी मंदिर पर गुरुवार को दो लोग आए थे। उन्होंने आठ-दस लोगों को इकट्ठा किया और उनसे कहा कि शुक्रवार को रतलाम आना है। आने-जाने का किराया मिलेगा और नौकरी भी देंगे। वहीं, उमरगांव के पूनालाल ने कहा कि यहां उसे एक बाइबिल और क्रॉस वाला लॉकेट पहनने के लिए दिया है। एसडीएम अवधेश शर्मा ने बताया कि धर्म परिवर्तन का मामला जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा।
जावरा. देश में फ्रीडम ऑफ रिलिजन है। मोहब्बत से हमें किसी भी धर्म में जाने की इजाजत मिली है। यदि आज का धर्मांतरण नाजायज है तो कल का भी नाजायज होना चाहिए। धर्मांतरण में जोर-जबर्दस्ती या लालच नहीं होना चाहिए। यह बात मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के चिंतन कार्यक्रम में शामिल होने आए मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कही। वे आगरा में हुए धर्मांतरण के बारे में जवाब दे रहे थे।
क्रिश्चियन काउंसिल के सेक्रेटरी पास्टर जोस मैथ्यू ने बताया कि क्रिसमस महीना चल रहा है। शहर के लोगों के लिए आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया है। हम धर्म परिवर्तन का काम नहीं करते।
हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए पुलिस अधिकारी।
हमें मोहब्बत से किसी भी धर्म में जाने