एक साथ दिखे पांच बाघ
शहरके आसपास जंगल में तो सेंचुरी है और ही नेशनल पार्क, इसके बावजूद यहां एक साथ पांच बाघ का भ्रमण वन विभाग के अफसरों के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है। केरवा-रातापानी, समसपुरा का जंगल सिर्फ रिजर्व फॉरेस्ट है, यहां एक समय में इतने बाघों के भ्रमण से वन विभाग सुरक्षा को लेकर चिंतित है। हालांकि यहां 4-5 साल से बाघ का भ्रमण हो रहा है, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि एक समय में तीन और पांच बाघ भ्रमण करते देखे गए हैं। शेषपेज 3
हर गतिविधि पर नजर
एक साथ इतने बाघ कोई खतरा पहुंचा दें इस बात से वन विभाग का अमला चिंतित है। हालांकि फॉरेस्ट अफसरों का कहना है कि बाघों के मूवमेंट को लेकर सुरक्षा पुख्ता है। बाघों पर निगरानी के लिए भोपाल वन मंडल की मीरियाकोट, मालाडोंगरी, कठोतिया-लालखो झीरी में चार विशाल टॉवर लगाए गए हैं। इन टॉवरों पर थर्मल सेंसर के कैमरे लगे हैं, जो 5 किमी दूरी तक नजर रखने में सक्षम हैं। इन टॉवरों का कंट्रोल रूम केरवा डेम स्थित आंवला हाइटेक नर्सरी में बनाया गया है। इसका फायदा यह है कि जंगल में संदिग्ध गतिविधि होने पर वन विभाग का अमला तत्काल पहुंच जाता है।