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डंडे-पत्थर लिए बदमाशों से मुकाबला करने वाली महिला वैज्ञानिक का साहस
ज्वाइंट डायरेक्टर पर हमला करने वाले पकड़ाए
\\\"पता था हम पर हमला होगा पर बच्चों की जान बचाने के लिए खोला दरवाजा\\\'
कॉलोनी के गार्ड से हालचाल पूछा और आगे बढ़ गई हमारी पुलिस
भेलक्षेत्र में ही पखवाड़े भर के भीतर की यह दूसरी बड़ी वारदात है। दोनों ही वारदातें छह किलोमीटर के दायरे में नजदीकी थानों में हुई। 13 और 14 सितंबर की दरम्यानी रात में शक्ति नगर के एक घर में घुसे हथियारबंद बदमाश ने दो भाइयों को घायल कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने सबक नहीं लिया। दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला कि इशान पार्क कॉलोनी में रात 3:30 बजे जब वारदात हुई, उससे 30 मिनट पहले ही पुलिस का गश्ती दल वहां से गुजरा। पुलिसवालों ने कॉलोनी के गार्ड का हालचाल पूछा और आगे बढ़ गए। वारदात के वक्त नए शहर में एसडीओपी मिसरोद अतीक खान, टीआई एमपी नगर बृजेश भार्गव समेत पिपलानी थाने के एएसआई दिनेश पांडे, आनंद नगर पुलिस चौकी के हवलदार रिपुसूदन प्रेमदास चौरे इलाके में नाइट गश्त पर थे। एएसआई दिनेश पांडे के मुताबिक रात 12 बजे उन्होंने गांधी मार्केट से गश्त शुरू की थी। वे इशान पार्क कॉलोनी भी पहुंचे थे। यहां कॉलोनी के दोनों सुरक्षा गार्डों से बातचीत कर निजामुद्दीन कॉलोनी गए। रात 3:30 बजे सूचना पर घटनास्थल पहुंचे थे।
वारदात की सूचना पर घर पहुंची पुलिस को घटनाक्रम बतातीं अनामिका। फोटो|भास्कर
मैंने जैसे ही दरवाजा खोला, सामने डंडे और पत्थर लिए चार बदमाश खड़े थे। इससे पहले कि वे मुझ पर हमला कर पाते, मैंने झट से दरवाजा बंद कर दिया। लेकिन बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। हमारे पास ज्यादा वक्त नहीं था। बदमाश बच्चों के कमरे में दाखिल होते, उससे पहले हम बाहर गए। उन्होंने अश्विन पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। इस बीच मैं शोर मचाती रही। थोड़ी देर बाद पड़ोसियों के घर के बाहर लाइट जली तो बाहर खड़े बदमाशों के दो साथियों ने उन्हें इसका इशारा कर दिया। इशारा मिलते ही बदमाश बाहर की ओर भागे तो हम दोनों भी पीछा करते हुए बाहर आए। बदमाश अचानक लौट आए। उन्होंने एक बार फिर अश्विन पर हमला किया और बाउंड्रीवॉल फांदकर भाग निकले। बदमाशों के भागने के बाद पता चला कि वे मेन गेट का कुंदा तोड़कर घर में दाखिल हुए थे। पहले बदमाशों ने हर कमरे को इत्मीनान से खंगाला। उन्हें जो कुछ मिला वे बटोर ले गए।\\\'