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सोसायटी के पास प्लॉट हैं तो 25 साल से सदस्यों को क्यों नहीं दिए
महाराजाअग्रसेन गृह निर्माण सहकारी संस्था की रविवार को हुई सालाना बैठक में जमकर हंगामा हुआ। प्लाॅट मिलने से खफा संस्था के सदस्यों की संचालक मंडल से तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। नौबत यह आई कि यहां पुलिस बुलानी पड़ी। संचालक मंडल के सदस्य बैठक अधूरी छोड़कर चले गए। सदस्यों का दबाव इस कदर था कि संचालक मंडल के एक सदस्य को संस्था के नए चुनाव जल्द कराने की घोषणा करनी पड़ी।
बैठक लखेरापुरा स्थित मोतीलाल, मन्नूलाल अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित की गई थी। बैठक शुरू होते ही कई सदस्यों ने संचालक मंडल के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल सहित चार सदस्यों की गैरमौजूदगी पर आपत्ति जताई। जानकारी के अनुसार उक्त संस्था के पास समरधा में 18 एकड़ सिंगार चोली में 13 एकड़ भूमि है। संस्था के 393 सदस्य हैं। सभी से संस्था विकास शुल्क आदि के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपए ले चुकी है। सदस्य जेपी अग्रवाल ने तल्ख लहजे में सवाल उठाया कि 25 साल से ज्यादा का समय हो गया, फिर भी जमीन होने के बावजूद अब तक प्लॉट क्यों नहीं दिए गए हैं? इस पर संचालक मंडल ने दलील दी कि विकास कार्य पूरे होने के बाद ही प्लॉट दिए जा सकते हैं। बैठक के दौरान संचालक मंडल के रवैये पर सदस्य नाराजगी जताने लगे। जवाब में संचालक मंडल की मधु अग्रवाल ने उन पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगा दिया। रमेश अग्रवाल ने दुर्व्यवहार के आरोप को गलत बताया है।
सदस्य रमेश सिंहल ने संचालक मंडल से इस्तीफा देने की मांग का पत्र लिखा और उस पर प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर कर दिए।
पत्र पर सदस्य सुधीर अग्रवाल सुनील अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। पत्र पढ़ने के बाद मंडल के एक मनोनीत संचालक ने मौखिक रूप से सदस्यों से कहा कि संस्था के जल्द नए चुनाव कराए जाएंगे। बैठक के बाद संजय अग्रवाल ने रमेश अग्रवाल पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। रमेश अग्रवाल ने इस आरोप को गलत बताया है। हंगामे की सूचना मिलने पर वहां पुलिस भी पहुंच गई। लेकिन उसके हस्तक्षेप की नौबत नहीं आई।
सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त संस्था के पास ग्राम समरधा में 18 एकड़ सिंगार चोली में 13 एकड़ भूमि है। संस्था के 393 सदस्य हैं। सभी से संस्था विकास शुल्क आदि के नाम पर डेढ़-ड़ेढ़ लाख रुपए ले चुकी है।
^मैंने बैठक में संचालकों स