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प्रदेश के एकमात्र संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के छात्र उलझे पासिंग मार्क्स में, पुराने फार्मेट का उपयोग किया

7 वर्ष पहले
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बीएफए के छात्रों से छलावा, पास हुए फेल

प्रदेशभरके बैचलर ऑफ फाइन आर्ट (बीएफए) छात्रों को बीएफए के आठवें सेमेस्टर में पास होने के लिए प्रायोगिक परीक्षाओं में न्यूनतम 23 अंक हासिल करना अनिवार्य था। जब इसका रिजल्ट आया तो 23 अंक हासिल करने वाले कई छात्रों को अनुत्तीर्ण बता दिया गया। मार्कशीट में बीएफए परीक्षा में पास होने के लिए 25 न्यूनतम अंक दर्शाया गया है। इस तरह एक ही कोर्स में पास होने के तीन पैमाने बन गए हैं। एक में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 23 तो दूसरे में 24 और तीसरे में 25 अंक दिखाए जा रहे हैं। दिसंबर 2013 में विवि के बीएफए के सातवें सेमेस्टर की मार्कशीट में न्यूनतम अंक 24 दिखाए गए हैं। छात्रों ने रजिस्ट्रार से लेकर कुलपति तक इस बात की शिकायत की, लेकिन उनकी बात कोई सुनने के लिए तैयार ही नहीं है।

कृपांकदेने में भी कंजूसी

बीएफएके फाइनल सेमेस्टर में जो छात्र प्रश्नपत्र के हिसाब से उत्तीर्ण और मार्कशीट के हिसाब से अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें यूनिवर्सिटी ने कृपांक देना भी मुनासिब नहीं समझा। अन्य विश्वविद्यालयों में 5 नंबर तक कृपांक देने का प्रावधान है, लेकिन यहां पर सिर्फ एक नंबर ही कृपांक के तौर पर दिया जाता है। म्यूजिक और आर्ट की प्रदेश की इस इकलौती यूनिवर्सिटी में आए दिन इसी तरह की गलतियां होती रहती हैं। अभी पासिंग मार्क को लेकर गलती हुई है, जो इसके पहले भी हो चुकी है।