पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दो विभागोंं के विवाद में उलझी मूक बधिरों की सर्जरी

दो विभागोंं के विवाद में उलझी मूक-बधिरों की सर्जरी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बोलनेसुनने में असमर्थ (मूक-बधिर) पांच वर्ष की आयु तक के बच्चों की कॉकलियर इंप्लांट सर्जरी के मामले में स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय विभाग के अफसर गूंगे-बहरे बन गए हैं। ये योजना दो विभागों के बीच में उलझ गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत वर्ष पांच जून को बाल श्रवण योजना का शुभारंभ किया था, लेकिन सवा साल में एक भी बच्चे की सर्जरी नहीं हुई। शुरुआत में यह योजना सामाजिक न्याय विभाग के पास थी, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी गई। दोनों ही विभागों के अफसर एक दूसरे पर जिम्मेदारी टालकर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। मूक-बधिर बच्चे की उम्र अगर पांच साल से ऊपर हो जाए, तो फिर डॉक्टर की सलाह पर ही कॉकलियर इंप्लांट किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार एक से पांच साल तक के बच्चों के ही कॉकलियर इंप्लांट सफल हो पाते हैं। वहीं मस्तिष्क ज्वर के कारण सुनने की क्षमता समाप्त होने की दशा में 18 साल से कम उम्र के बच्चों का भी कॉकलियर इंप्लांट किया जा सकता है। मप्र सरकार ने बाल श्रवण योजना में आठ लाख रुपए प्रति बच्चे का बजट है। इसमें बच्चे की जांच से लेकर सर्जरी, इंप्लांट तथा सर्जरी के बाद काउंसिलिंग का खर्चा शामिल है।

इस योजना के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में बच्चों की जांच और सर्जरी की व्यवस्था करनी थी। लेकिन मेडिकल कॉलेजों में यह व्यवस्था नहीं है। कुछ लोगों ने दिल्ली के एम्स जैसे अस्पतालों में ऑपरेशन की अनुमति मांगी, तो उन्हेंे बताया गया कि प्रदेश के बाहर का कोई भी अस्पताल इस योजना में शामिल नहीं है। फिर निर्णय किया गया कि इंदौर के अरविंदो भोपाल के चिरायु अस्पताल में सर्जरी कराई जाए

^हमारे यहांसंसाधन ही नहीं थे

जयारोग्यअस्पताल के ईएनटी विभाग में जांच की सुविधा होने तथा ऑडियोलॉजिस्ट की पोस्ट खाली हाेने के कारण दिक्कत रही थी। अब शासन स्तर पर जो आदेश होंगे, उस हिसाब से बाल श्रवण योजना का संचालन किया जाएगा।

डॉ.जीएस पटेल, डीन,गजराराजा मेडिकल कॉलेज

^योजना ट्रांसफरहो गई है

बालश्रवण योजना के संचालन की जिम्मेदारी अब स्वास्थ्य विभाग को दी गई है। ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में सुविधा होने के कारण दिक्कत रही थी।

अरुणाशर्मा, अपरमुख्य सचिव, सामाजिक न्याय विभाग

^नए सिरेसे संचालित करेंगे योजना

हालही में विभाग को बाल श्रवण योज