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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही समिति
कोलारमें रहने वाली निर्धन वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आलौकिक सेवा समिति द्वारा स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाता है। इसके तहत सिलाई, कढ़ाई, कम्प्यूटर, कुकिंग और मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। 11 लोगों की एक कार्यकारिणी इस काम को अंजाम दे रही है। वर्तमान में कुल 250 से ज्यादा सदस्य समिति से जुड़े हैं।
समिति के अध्यक्ष विजय शंकर दीक्षित बताते हैं कि समिति का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। इसके लिए गरीब महिलाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाता है। अब तक सात हजार से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वे महिलाएं वर्तमान में खुद रोजगार कर अपना घर चला रही हैं। इसके अलावा समिति सामाजिक जागरुकता से संबंधित कार्यक्रम भी समय-समय पर आयोजित करती है।
धूमधामसे मनाते हैं उत्सव
हिंदू-मुस्लिमएकता को लेकर समिति द्वारा मकर संक्रांति के मौके पर पतंग उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसमें शहरभर से दर्जनों टीमें आकर भाग लेती हैं। इस कार्यक्रम के जरिए भाईचारे के संदेश दिया जाता है। समिति कोलार में 15 साल से इस कार्यक्रम को कराती रही है।
देतेहैं समझाइश
गेहूंखेड़ास्थित कार्यालय में महिलाओं से संबंधित स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां परिवार परामर्श के माध्यम से परिवारों को बिखरने से बचाया जाता है। उन्हें छोटी-छोटी बातों पर झगड़े करने और कैसे एक-दूसरे का हाथ बटाया जाए के बारे में सिखाया जाता है। समिति के सदस्य समय-समय पर फील्ड में जाकर जनसंपर्क भी करते हैं।
आलौकिक सेवा समिति महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई वर्षों से काम कर रही है। समिति द्वारा सामाजिक जागरुकता के कार्यक्रम भी कराए जाते हैं...
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