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संस्था - नवजात विकलांग कल्याण समिति

7 वर्ष पहले
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विकलांगों को आत्मनिर्भर बनाने संस्था कर रही प्रयास

नवजातविकलांग कल्याण समिति द्वारा निर्धन विकलांग लोगों को स्वावलंबी बनाने और शिक्षित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। नए पुराने शहर में संस्था लगातार सक्रिय है। आत्मरक्षा के लिए कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन सखी श्रंृखला के रूप महिलाओं में सामंजस्य बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा समिति द्वारा धार्मिक सामाजिक आयोजनों के माध्यम से भी समाज सेवा की जा रही है।

समिति की संचालक हंसकुंवर राजपूत के अनुसार समिति महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रयास कर रहा है। इससे कई निर्धन और ऐसी महिलाओं को सहायता मिल रही है, जो किसी कारण से आगे नहीं बढ़ पाईं। अपने पैरों पर खड़ा होकर आगे बढ़ने के लिए कई लोगों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है। साथ ही आत्म रक्षा के गुण उन्हें सिखाए जाते हैं। महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए शिक्षा भी काफी जरूरी है। इसलिए शिक्षा के लिए भी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। समिति किसी से सहायता या अनुदान लिए बिना ही स्वयं समाज सेवा कार्य में जुटी है। समिति के सभी पदाधिकारी सक्रिय सदस्य हैं और स्वयं की राशि खर्च कर जरूरत मंद लोगों की सेवा भी करते हैं। इस समिति की एक खास पहचान इस बात से भी है कि किसी से कोई राशि नहीं ली जा रही है। साथ ही किसी को पद की लालसा नहीं है। किसी प्रकार का सहयोग लेकर सहयोग देने का प्रयास कर रहे हैं।

आगेके कार्यक्रम

समितिद्वारा निर्धन कन्याओं को शिक्षा में सहयोग करने का प्रयास चल रहा है। गरीब कन्याओं के विवाह में आर्थिक सहयोग देने पर विचार और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान करने का भी विचार है।

मंचके सक्रिय सहयोगी

अध्यक्ष-रणधीरबिल्लोरे, संचालक हंसकुंवर राजपूत, उपाध्यक्ष मुकेश तिवारी, सचिव राकेश अग्रवाल, पदाधिकारी उर्मिला मोर्य, मोहिनी शर्मा, संगीता राजपूत, रश्मि मेहता, सुनीता गौर, ज्योति ठाकुर, निर्मला शर्मा, गायत्री श्रीवास्तव, अनिता शर्मा, निर्मला शर्मा, रश्मि जोशी, कुंवर सोलंकी आदि पदाधिकारी शामिल हैं।

धार्मिक सामाजिक कार्याें में सक्रिय नवजात विकलांग कल्याण समिति द्वारा अब तक बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग लाभान्वित हो चुके हैं। संस्था महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही है...

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