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नाट्य प्रस्तुति से स्व. चंद्रहास को किया याद
एकनाटक, जो एक डायरेक्टर का फेवरेट है। इस नाटक को तैयार करने में उसने साथी कलाकारों के साथ अपना अनुभव, अपने तालीम और क्रिएटिविटी को एकसाथ प्रेजेंट किया। ...और नाटक ‘तर्पण’ के रूप में वह दर्शकों के सामने आया। इस नाटक के डायरेक्टर चंद्रहास तिवारी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी क्रिएटिविटी को उनके जन्मदिन पर भारत भवन में ऑडियंस के सामने प्रस्तुत किया गया। राइजिंग सोसाइटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर के कलाकारों ने शनिवार को अंतरंग भवन सभागार में स्व. चंद्रहास तिवारी के 36वें जन्मदिन पर इस नाटक की प्रस्तुति दी। प्रेमानंद गज्बी लिखित और स्व. चंद्रहास निर्देशित नाटक ‘तर्पण’ शहर के दर्शकों के लिए एक खास बानगी के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के जरिए यह दिखाया गया कि जब धर्म, स्वार्थी और कपटी धर्म अधिकारियों के हाथ में आता है, तब समाज का उसके प्रति विश्वास, अंधविश्वास के रूप में बदल जाता है। इसके फलस्वरूप जातिवाद जैसी कुप्रथाएं समाज में बढ़ती हैं और उनमें एक आम इंसान पिसता रहता है। नाटक में कलाकारों का अभिनय दमदार था और जबरदस्त लाइटिंग साउंड इफेक्ट ने प्ले को अधिक प्रभावशाली बना दिया।
भारत भवन के अंतरंग सभागार में शनिवार को मंचित नाटक के दो अलग-अलग दृश्य।
मंच पर: निर्मलतिवारी, कमलेश दुबे, रवि कुमार, तारिक दाद, मैनुल अली सिद्धकी, रीता कंकर तिवारी, अनूप शर्मा आदि।
मंचसे परे: लेखक- प्रेमानंदगज्बे, संगीत-मॉरिसलॉजरस, लाइटिंग-रामबाबू, निर्देशक सहायक-प्रीताझा तारिक दाद।
tribute toan actor