अतिक्रमण और गंदगी से घिरे हैं बस स्टॉप
पुरानेशहर के अधिकांश बस स्टॉप बदहाल हो गए हैं। यहां से सिर्फ कुर्सियां गायब हो गई हैं, बल्कि डिस्प्ले बोर्ड तक बंद हैं। इनके आसपास साफ-सफाई का भी अभाव है। कई जगह तो ये अतिक्रमण से घिरे हैं। ऐसे में यहां यात्री तो बसों की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन बसें स्टॉप से दूर रुकती हैं। नगर निगम प्रशासन द्वारा तो डिस्प्ले बोर्ड दुरुस्त करवाया जा रहा है और ही इनका मेंटेनेंस किया जाता है। जानकारी के अनुसार धर्मकांटा पुलबोगदा, लिली टॉकीज, सुल्तानिया जनाना अस्पताल, प्रभात पेट्रोल पंप चौराहे पर स्थित बस स्टॉप बदहाल हैं। धर्मकांटा बस स्टॉप के आसपास तो गंदगी का आलम ये है कि यहां खड़े होना तक मुश्किल है। बसें यहां रुकती ही नहीं हैं। जबकि प्रभात पेट्रोल पंप का बस स्टॉप अतिक्रमण से घिरा है। करीब चार साल पूर्व इन बस स्टॉप का निर्माण लो-फ्लोर बसों के यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया था।
बंदहैं डिस्प्ले बोर्ड
बसोंके आने-जाने के समय की जानकारी देने बस स्टॉप पर डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन कुछ दिनों बाद ही ये बंद हो गए। बसों की लोकेशन यात्री को मिल सके इसके लिए बसों को जीपीआरएस से जोड़ा गया है, लेकिन बस स्टॉप के डिस्प्ले बोर्ड बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है।
इन सुधारों की जरूरत
बस स्टाॅप के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि बसों की आवाजाही बाधित हो। यात्री आराम से बसों का इंतजार कर सकें। कुर्सियों की संख्या बढ़ाकर सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इन्हें अत्याधुनिक बनाए जाने की जरूरत है। इनके आसपास रखे कंटेनर हटवाए जाएं।
यहां बनें बस स्टॉप
पुल बोगदा, भारत टॉकीज, सेंट्रल लाइब्रेरी, अल्पना तिराहा, भोपाल टॉकीज, सिंधी कॉलोनी चौराहा, शाहजहांनाबाद, करोंद, काजी कैंप आदि स्थानों पर बस स्टॉप का निर्माण होना चाहिए। अभी नहीं होने से दिक्कत होती है।
बदहाली
पुराने शहर में यूं तो बस स्टॉप की कमी है, लेकिन लो-फ्लोर बसों के लिए जो बस स्टाप बनवाए भी गए तो वे इन दिनों बदहाल हैं। इनका लाभ यात्रियों को नहीं मिल रहा है...
लंबे समय से नहीं सुधारे गए बंद पड़े डिस्प्ले बोर्ड
कुर्सियां ही काटकर ले गए असामाजिक तत्व
आसपास गंदगी का आलम, यात्रियों को हो रही परेशानी
कहीं कुर्सियां गायब तो कहीं डिस्प्ले बोर्ड टूट गए हैं, फर्श भी खराब
^बस स्टॉप का निर्माण तो होना ही चाहिए। सिर्फ ती