जमीन खरीदने में बुरे फंस गए आईएफएस अफसर
जिसजमीन को लेकर डिप्टी डायरेक्टर ऋतुराज सिंह को नोटिस मिला है, वह 17 मार्च 2011 को खरीदी गई थी। सिंह ने यह जमीन अपने और अपनी प|ी दिशा सिंह के नाम से ग्राम बारला तहसील, जिला रायसेन में खरीदी थी। रायसेन-सांची रोड स्थित खसरा नंबर 16 की 4.16 एकड़ जमीन को खरीदने के लिए पहले एक एग्रीमेंट किया गया था। इसमें 42 लाख रुपए में सौदा होना बताया गया है। लेकिन जब 17 मार्च 2011 को रजिस्ट्री हुई तो स्टांप नंबर 2425 और 2426 में 13 लाख 52 हजार 500 रुपए खरीदी राशि दर्शाई गई। यानी करीब 29 लाख रुपए कम में यह जमीन खरीदना बताया गया है। इससे राज्य शासन को दो लाख रुपए कम स्टांप ड्यूटी चुकानी पड़ी। इस पूरी गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब इस मामले की शिकायत पंजीयन कार्यालय में की गई। शिकायत के बाद कलेक्टर ने जांच करवाई तो पता चला कि पैसा बचाने के लिए यह सब किया गया है। इसके अलावा जिला पंजीयक कार्यालय रायसेन में भी उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। शेषपेज 3
बेटे के खिलाफ षड्यंत्र
डीबीस्टार ने ऋतुराज सिंह से बात करनी चाही तो नहीं मिले। उनकी मां ने बात की। वे बोलीं मेरे बेटे के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है। जमीन के मामले में जल्द ही सब साफ हो जाएगा। उसके पीछेे ऑफिस के कुछ लोग हैं। ऋतुराजसिंह की मां (इन्होंनेअपना नाम नहीं बताया)
22 सितंबर को पेशी पर नहीं पहुंचे ऋतुराज
जांच के तत्काल बाद 10 सितंबर 2014 को रायसेन कलेक्टर जेके जैन ने जमीन बेचने वाले किसान से लेकर ऋतुराज सिंह और उनकी प|ी दिशा सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। कलेक्टर ने सभी आरोपियों को जवाब देने के लिए 22 सितंबर 2014 तक का समय न्यायालय में प्रस्तुत होने के लिए दिया था। ऋतुराज सिंह तो इस दिन नहीं आए, लेकिन उनके वकील ने पेश होकर अक्टूबर माह की अगली तारीख ले ली।