ड्रामा में किया गुमनाम नायकों का जिक्र
भारतभवन के अंतरंग सभागार में सोमवार की शाम नाट्य रूपक ‘अतीत के वातायन’ की प्रस्तुति हुई। इस नाटक के साथ ही स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से आयोजित सात दिवसीय आदि विद्रोही नाट्य समारोह का समापन भी हुआ। नाट्य समारोह में इससे पहले राष्ट्रीय स्तर के निर्देशकों और कलाकारों के नाटकाें का मंचन किया गया। इस प्रस्तुति में प्रांगण सांस्कृतिक संस्था, पटना के कलाकारों ने अभय सिन्हा के निर्देशन में अभिनय किया। नाटक में साल 1771 से 1947 के बीच के 176 वर्षों के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की भूमिका को दिखाया गया। इसमें आजादी के उन गुमनाम नायकों का भी जिक्र किया गया, जिनकेे प्रमाण इतिहास में कम मिलते हैं। इस प्रस्तुति में लाइव संगीत का बेहतर प्रयोग किया गया।
मंच पर कलाकार
ड्रामा में स्टेज पर संजय सिंह, आदिल रसीद, अमिताभ रंजन, ओम प्रकाश, संजय कुमार, राकेश कुमार पांडे, अतीश कुमार, अरविंद कुमार, प्रतीक वर्मा, आलोक कुमार, आशुतोष कुमार, कृष्णा कुमार, मृत्युंजय वर्मा, वर्षा कुमारी, निधि राय, तान्या दास आदि ने अभिनय किया।
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