गमलों में भी उगा सकते हैं आम, अमरूद
बदलते वक्त और तकनीकी के इस युग में चीजें छोटी स्मार्ट होती जा रही हैं। चाहे मोबाइल फोन हो या आम, अमरूद जैसे फलदार पौधे। दरअसल, बागबानी से जुड़े लोगों और गार्डनिंग का शौक रखने वालों के बीच इन दिनों ग्राफ्ट किए फलदार पौधे लगाना ट्रेंड बन गया है। वे शो पीस की तरह घरों में रखने वाले पौधों के साथ ही अब ग्राफ्टेड फलदार पौधे लगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्राफ्टेड वेरायटी के पौधों की खासियत यह होती है कि ये कम जगह और समय में ही फल देने लगते हैं। तीन फीट के आम के पौधे में 20 से ज्यादा फल लग जाते हैं।
स्वप्निल नर्सरी की संचालक बागवानी विशेषज्ञ रेनू बरनवाल कहती हैं कि अब लगभग सभी फलों के ग्राफ्ट वैरायटी के पौधे भी उपलब्ध होते हैं। ये इतनी कम जगह में लग जाते हैं कि उन्हें आप अपने घर के बगीचे और बालकनी में रखे गमले में भी लगता सकते हैं।
दानिशकुंज स्थित रेनू बरनवाल के घर में रखे गमलों में इस तरह से लगाए गए हैं ग्राफ्टेड आम के पौधे।
इन बातों का रखें ध्यान
कम समय में मिलते हैं फल
रेनू बरनवाल बताती हैं कि आम, अमरूद, अनार, चीकू, नीबू के ग्राफ्टेड वृद्ध ऐसे होते हैं, जो बहुत कम ऊंचाई समय में ही फल देने लगते हैं। इनकी जड़ों का फैलाव भी बहुत कम होता है। इसलिए उनके बढ़ने पर घरों की दीवार या नींव को नुकसान पहुंचने का खतरा भी नहीं होता है।
ग्राफ्टेड किए फलदार पौधों को घर के छोटे गार्डन में लगाने का बढ़ रहा ट्रेंड, कम जगह घेरने और कम समय में फल आने के चलते कर रहे आकर्षित