खतरनाक हुए मलबा डालकर भरे गए गड्ढे
>पुराने शहर में नहीं सुधर रही सड़कों की सेहत >बारिश में बह गई ननि जोन कार्यालय के सामने की सड़क
सिटी प्लस रिपोर्टर. भोपाल
पुराने शहर में लोक निर्माण विभाग, राजधानी परियोजना प्रशासन और नगर निगम प्रशासन की सड़कें हैं, लेकिन हाल ही में सभी विभागों द्वारा सर्वे रिपोर्ट और थर्ड पार्टी निरीक्षण के बाद भी सुधार के काम शुरू नहीं हो पाए। नगर निगम ने जरूर सड़कों पर गड्ढों के भराव का काम शुरू किया, लेकिन गड्ढे मलबे से ही भर दिए गए। लोगों का पैदल चलना और वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है।
जानकारी के अनुसार पुल बोगदा ननि जोन कार्यालय के सामने, रॉयल मार्केट, अस्सी फिट रोड, हमीदिया रोड, सिंधी कॉलोनी रोड, कबाड़खाना, ईदगाह हिल्स, कोहेफिजा जैसे पॉश इलाकों में सड़कों की हालत बदतर हो गई है। ऐशबाग इलाके की सड़कें भी पैदल चलने लायक तक नहीं हैं। इसके बाद भी तो यहां की सड़क का मेंटेनेंस हुआ और ही पेचवर्क। लिहाजा लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा नहीं मिल रही है।
गड्ढेभरने की ये है तकनीक
करोंदबायपास मार्ग पर नगर निगम द्वारा गड्ढों को मलबे से भरा गया है। जबकि ये तकनीकी तरीका नहीं है। मैनिट के प्रोफेसर सिद्धार्थ रोकड़े का कहना है कि डामर रोड पर कोल्ड मिक्स तकनीक से गड्ढे भरे जाने चाहिए। वर्तमान में यही तकनीक प्रचलित है। सीसी रोड पर केमिकल मिलाकर बोन्ड तैयार किया जाता है। जिससे गड्ढा भरा जा सकता है। ये तकनीक सबसे बेहतर है।
यहांसड़कें बेहद खराब
हमीदियारोड, सिंधी कॉलोनी रोड, ऐशबाग, अस्सी फिट रोड, पुल बोगदा, बाग उमराव दूल्हा, बरखेड़ी, जहांगीराबाद के अलावा करोंद के अंदरूनी इलाकों में सड़कों की हालत काफी खराब है।
इनकाकहना है
^सड़कों को सुधार के नाम पर की जा रही सर्वे की कार्रवाई पूरी तरह से दिखावा साबित हो रही है। सर्वे रिपोट और थर्ड पाटी निरीक्षण के बावजूद कहीं कोई सुधार नहीं किया गया। इससे जनता परेशान है। धीरजकुशवाह, बोगदापुल ^संबंधित निर्माणकर्ता एजेंसियों को सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसमें लापरवाही नहीं होगी। खराब सड़कें प्राथमिकता से दुरुस्त की जाएंगी और लोगों को समस्या से निजात मिलेगी। निशांत वरवड़े, कलेक्टर