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रिहायशी इलाकों में खतरा बनी हाईटेंशन लाइन

7 वर्ष पहले
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पुराने शहर के कई इलाकों में इन दिनों हाईटेंशन लाइन के नजदीक रहने वाले लोग दहशत में हैं। दरअसल इन लाइनों के नीचे नियमों को दरकिनार कर भवनों का निर्माण होने से समस्या बढ़ रही है। ऐसे स्थानों पर बेरोकटोक हुए निर्माण के बाद अब बिजली कंपनी केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता भर पूरी कर रही है। जबकि भवन निर्माण के समय तो नगर निगम प्रशासन ने ध्यान दिया और ही जिला प्रशासन और बिजली कंपनी के मैदानी अमले ने। इन लाइनों को रिहायशी इलाकों से दूर शिफ्ट करने में भारी भरकम राशि के खर्च को देखते हुए बिजली कंपनी के अधिकारी भी खामोश हैं।

पुराने शहर के करोंद, नारियल खेड़ा, नवाब कॉलोनी, शंकर गार्डन जैसे कई इलाकों में हाईटेंशन लाइन घरों की छत से होकर गुजर रही है। नजदीक खिड़की छज्जे होने के कारण दुर्घटना की आशंका रहती है। इस तरह कई हादसे भी हो चुके हैं।

िदयाथा नोटिस

पिछलेदिनों बिजली कंपनी ने पुराने शहर में तीन सौ से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी। नगर निगम ने ऐशबाग इलाके में लाइनों के नजदीक बने भवनों के छज्जे गिराने की कार्रवाई की थी। इससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था, लेकिन अब ये कार्रवाई फिलहाल बंद है।

यहां हो चुके हैं हादसे

>21 जून-14 को नवाब कॉलोनी में घर की छत पर डिस्क की केबल ठीक कर रहे दो युवक हाईटेंशन लाइन की चपेट में गए थे। >10 अगस्त-11 अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में एक घर के ऊपर हाईटेंशन लाइन टूटकर गिर गई थी। इसमें एक मजदूर की मौत दो लोग घायल हुए थे। >15 दिसंबर-12 को नवाब कॉलोनी में मदारी के करतब देखने छत पर बच्चे चढ़े थे। एक बच्चे के हाथ में लोहे की राॅड होने के कारण वह हाईटेंशन लाइन की चपेट में गया था। इसमें बच्चे की मौत हो गई थी। >पिछले वर्ष ऐशबाग थाना क्षेत्र में ट्रक से तिरपाल हटाने के दौरान हाईटेंशन लाइन से हादसा हुआ था। इसमें कंडक्टर की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी।

{बेरोकटोक बन गए भवन, हो रहे हैं हादसे {ऐशबाग, नवाब कॉलोनी, निशातपुरा इलाकों में हो चुके हैं हादसे

नारियलखेड़ा इलाके में हाईटेंशन लाइन आवासों के नजदीक से गुजर रही है। ये खतरनाक है।

पुराने शहर की घनी आबादी वाले इलाकों से गुजर रही हाईटेंशन लाइन अब रहवासियों के लिए खतरा बन गई है। इन लाइनों के नीचे नजदीक भवन निर्माण होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं...