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रूबातों को लेकर विवाद गर्माया, आरोप-प्रत्यारोप

7 वर्ष पहले
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सउदीअरब के मक्का-मदीना में भोपाल की रूबातों के संचालन और उनसे जुड़े कई मसलों को लेकर चल रहा विवाद फिर गर्माने लगा है। आरोप-प्रत्यारोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक पक्ष का कहना है कि रूबातों का जिम्मा भोपाल रियासत के तत्कालीन नवाब के परिवार ने छोड़ा तो रूबातों को सउदी अरब सरकार अपने कब्जे में ले लेगी। दूसरे पक्ष का आरोप है कि रूबातों को लेकर औकाफ-ए-शाही से जुड़े लोग गलत बयानी कर मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहे हैं।

मप्र वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शौकत मोहम्मद खान ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट द्वारा उनकी शिकायत पर औकाफ-ए-शाही के कार्यकलापों की जांच शुरू किए जाने से घबराकर कुछ लोग रूबातों को लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने होटल नूर-उस-सबाह के मालिक सिकंदर हफीज से पूछा है कि आखिर कैसे और क्यों रूबातें सउदी अरब सरकार अपने कब्जे में ले लेगी? उन्होंने कहा कि औकाफ-ए-शाही को मक्का की रूबात तोड़े जाने के एवज में सउदी सरकार ने राशि दी थी, उससे दस साल में भी वहां नई रूबात बनाने के लिए अब तक कोई जमीन अथवा भवन क्यों नहीं खरीदा गया है। यह बताया जाना चाहिए। इधर, सिकंदर हफीज का कहना है कि उनका औकाफ-ए-शाही से कोई संबंध नहीं है। नवाब मंसूर अली खां की बेटी मुतवल्ली सबा अली खान ने गत मार्च में रूबात के प्रबंधन के लिए पाॅवर आफ अटाॅर्नी देकर उन्हें रूबातों की जिम्मेदारी सौंपी है। रूबात का संचालन वक्फ डीड के मुतािबक सउदी अरब के कानून के अनुसार होता है।