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अफसर बनकर व्यापारियों से ठगी

7 वर्ष पहले
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प्रदेशके कई व्यापारियों को दमोह जिले के एक छोटे से किसान ने ठग लिया। वह उनसे सरकारी अफसर बनकर मिला। सरकारी खरीदी के नाम पर जूते एवं कपड़े खरीदे। पेमेंट के लिए जो चेक दिए, वो बाउंस हो गए। किसान को सायबर पुलिस ने पकड़ लिया है। उसने बताया है कि वह ऐसा कर अपने बैंक को नुकसान पहुंचाना चाहता था। क्योंकि पिछले साल बैंक ने उसे लोन देने से इंकार कर दिया था।

आरोपी रफीक मियां (41) दमोह जिले के फुटेरा ब्लॉक का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक रफीक 16 अगस्त को न्यू मार्केट स्थित पंजाब बूट हाउस गया। उसने खुद को जिला परियोजना अधिकारी बताया। दुकान संचालक से कहा कि उसे सरकारी योजना के तहत साढ़े छह हजार रुपए के जूते खरीदने हैं। पेमेंट के लिए उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की दमाेह शाखा का चेक दिया। इसी दिन उसने दुर्लभ साड़ी हाउस से चेक देकर सात हजार रुपए की साड़ियां खरीदीं। दोनों चेक बैंक में बाउंस हो गए।

व्यापारियों ने इसकी शिकायत सायबर पुलिस से की। सायबर पुलिस ने बूट हाउस के सीसीटीवी कैमरे में कैद आरोपी की इमेज के आधार पर उसकी तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि रफीक ने अपने ही बैंक अकाउंट का चेक दिया था। इसके बाद उसे दमोह से गिरफ्तार कर लिया गया।

रफीक ने पुलिस को बताया है कि उसने पिछले साल किसान क्रेडिट कार्ड से दो लाख रुपए के लोन के लिए सेंट्रल बैंक में आवेदन किया था। लोन मंजूर नहीं हुआ। इससे नाराज होकर उसने अकाउंट में पैसे होने के बावजूद चेक जारी कर दिए। रफीक का मानना था कि चेक बाउंस होने से बैंक को नुकसान होगा। सायबर पुलिस ने रफीक को मंगलवार दोपहर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है। जल्द ही सतना पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

एडीजी अशोक दोहरे के मुताबिक रफीक साड़ी, बच्चों के कपड़े, सलवार-सूट और जूते जैसे घरेलू उपयोग के सामान ही खरीदता था। उसने सतना में भी चार व्यापारियों को हजारों रुपए की चपत लगाई है।

आरोपी रफीक मियां