हारने से ही मिलती है जीतने की राह
हिंदीभवन में शनिवार को ‘सिटिजन एजुकेशन एंड रोल ऑफ सीनियर्स’ विषय पर वरिष्ठ विमर्श का आयोजन किया गया। इस मौके पर सीनियर सिटिजंस ने आज की जेनरेशन पर विमर्श करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में जानकारी है, विद्या है और क्रिएटिविटी है, लेकिन शिक्षा की कमी है। यह कमी सिर्फ घर के बुजुर्ग ही पूरी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पोते-पोतियों को सिर्फ जीतना सिखाया जाता है। उन्हें बचपन से जीत को अच्छा और हार को बुरा बताया जाता है।
ऐसे में वे छोटी-छोटी हार पर निराश हो जाते हैं और सोसाइड जैसे कदम उठा लेते हैं। ऐसी परिस्थिति में हमें उन्हें यह सिखाना होगा कि कभी-कभी हारना भी जरूरी होता है क्योंकि हार से ही जीतने की राह मिलती है। इस अवसर पर चित्रा शर्मा, मृदुला अर्गल, धीरेंद्र सिंह तोमर उपस्थित थे। इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार हुकुन पाल सिंह विकल और मैथली साठे को ‘शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
city event