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विकास के ये प्रोजेक्ट अधर में

7 वर्ष पहले
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लाइट मेट्रो की डिजाइन आने तक बाकी प्रोजेक्ट पर रोक

शहर में प्रस्तावित ग्रेड सेपरेटर, फ्लाईओवर और एफओबी पर पड़ेगा असर

कुलदीपसिंगोरिया | भोपाल

राजधानीमें प्रस्तावित लाइट मेट्रो ट्रेन के ट्रैक और स्टेशन आदि बनाने के लिए फ्लाईओवर, ग्रेड सेपरेटर, फुट ओवरब्रिज (एफओबी) जैसे प्रोजेक्ट रोके जाएंगे। मेट्रो प्रोजेक्ट के रूट और डिजाइन में बाधा बनने की स्थिति में ही ये प्रोजेक्ट आगे बढ़ेंगे। इसके लिए फिलहाल मेट्रो की डिटेल डिजाइन आने तक इंतजार करना होगा।

राज्य शासन ने हाल ही में लाइट मेट्रो ट्रेन की डिटेल डिजाइन बनने तक ऐसे सभी प्रोजेक्ट रोकने के आदेश दिए हैं। इसके चलते बीडीए ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बनने वाले ग्रेड सेपरेटर को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। न्यू मार्केट में प्रस्तावित फ्लाईओवर और ग्रेड सेपरेटर के अलाइनमेंट को लाइट मेट्रो के रूट अलाइनमेंट से जांचा जा रहा है। वहीं, नगर निगम, हाउसिंग बोर्ड, पीडब्ल्यूडी और सीपीए ने भी अपनी योजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है।

^हमें विभाग का पत्र मिला था। इसके बाद हमने ग्रेड सेपरेटर की प्लानिंग रोककर उसे सूचित कर दिया है।\\\'\\\' कुमारपुरुषोत्तम, सीईओ,बीडीए

^हमअपनी योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। यदि यह लाइट मेट्रो के रूट में रही होंगी तो शासन को सूचना भेज देंगे।\\\'\\\' चंद्रमौलिशुक्ला, अपरआयुक्त, नगर निगम

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विभागों से मांगी प्रोजेक्ट की जानकारी

अभी लाइट मेट्रो हमारी प्राथमिकता

^रूटमें आने वाले प्रोजेक्ट पर काम होने से लाइट मेट्रो की प्लानिंग बिगड़ेगी। वैसे भी लाइट मेट्रो के आने के बाद ट्रैफिक की दिक्कतें कम हो जाएंगी। अभी हमारी प्राथमिकता लाइट मेट्रो है। कैलाशविजयवर्गीय, नगरीयविकास एवं पर्यावरण मंत्री

250 करोड़ रुपए के हैं ये प्रोजेक्ट

शहरमें विभिन्न एजेंसियों के करीब 250 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट लाइट मेट्रो के रूट में रहे हैं। मेट्रो के बनने से इन्हें नुकसान हो, इसलिए शासन ने यह कवायद की है। अफसरों के मुताबिक यदि एफओबी और फ्लाईओवर पहले बन जाएंगे, तो इन्हें मेट्रो के लिए तोड़ना होगा। इसलिए अभी से इन्हें रोककर नुकसान को कम किया जा रहा है। हालांकि एजेंसियां इन प्रोजेक्ट की डीपीआर में ही करीब चार करोड़ रुपए खर्च कर चुकी हैं।