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माशिमं: रिकॉर्ड शाखा से बिना काम कराए लौट रहे आवेदक
मप्रमाध्यमिक शिक्षा मंडल (मप्र माशिमं) में हर मंगलवार जन सुनवाई में मामले सुलझाए जाने का सबसे ज्यादा फायदा मंडल कार्यालय की रिकार्ड शाखा के कर्मचारियों को होता नजर रहा है। इन दिनों आवेदनों से संबंधित जानकारी देने के बजाए इस शाखा के कर्मचारी आवेदक को मंगलवार को आने का कह कर चलता कर रहे हैं।
इसका खुलासा तब हुआ जब जनसुनवाई में आए एक छात्र ने रिकाॅर्ड शाखा के कर्मचारियों के इस रवैये की शिकायत मंडल सचिव शशांक मिश्र से की। सचिव ने इस मामले में विभाग से जानकारी लेने का आश्वासन दिया है। छिंदवाड़ा से आए छात्र ने बताया कि उसे रुटीन प्रक्रिया के तहत डुप्लीकेट मार्कशीट का आवेदन करने से रोककर कहा गया कि वह जनसुनवाई में आवेदन करे। यह पहला मौका नहीं है, जब किसी छात्र ने खिड़की से लौटाने का आरोप लगाया हो। इससे पहले भी कई मामले सामने आए हैं। जिनमें छात्रों से आवेदन नहीं लिया गया और उन्हें सीधे जन सुनवाई में भेज दिया। जनसुनवाई में रिकाॅर्ड शाखा के सर्वाधिक मामले डुप्लीकेट मार्कशीट संशोधन आदि के आते हैं। चूंकि रिकार्ड शाखा को जनसुनवाई के दिन सर्वाधिक काम करना पड़ता है, इसलिए शेष दिनों में शाखा के अधिकारी और कर्मचारी आवेदकों को टाल रहे हैं।
चार साल से छात्र भटक रहा: छिंदवाड़ा का पवन कुमार महके पिछले चार साल से हायर सेकंडरी की मार्कशीट में जन्म तारीख में सुधार करवाने को लेकर परेशान है। पवन ने 13 सितंबर 2010 को इसके लिए आवेदन किया था। सभी जरूरी कागजात भी लगा दिए थे, लेकिन मार्कशीट में संशोधन नहीं हुआ। आखिर पवन को जनसुनवाई में गुहार लगानी पड़ी। अब रिकार्ड शाखा में पवन की फाइल तलाशना शुरू कर दिया है।
कुल 90 मामले आए: माशिमं की जन सुनवाई में मंगलवार को डुप्लीकेट मार्कशीट, संशोधन, माइग्रेशन सहित कुल 90 मामले आए। इनमें से करीब 80 देर शाम तक निपटा दिए गए, जबकि कुछ मामले परीक्षण के लिए रोक लिए गए हैं।