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अब विदेशों की चुनिंदा यूनिवर्सिटी के लिए ही छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

7 वर्ष पहले
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राज्यसरकार की स्कॉलरशिप पर विदेश में पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्र अब केवल चुनिंदा यूनिवर्सिटी में ही एडमिशन ले सकेंगे। छात्रों को विदेशों की उन्हीं यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए स्कॉलरशिप मिलेगी, जिनकी हर स्तर पर दुनिया भर में पहचान होगी। इसके लिए विदेशी विश्वविद्यालयों की एक सूची तैयार करने की जिम्मेदारी तकनीकी शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।

विदेशाें में उच्च शिक्षा के लिए आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्काॅलरशिप दी जाती है। यह देखने में आया है कि छात्र ऐसे विश्वविद्यालयाें में एडमिशन ले लेते हैं जिनका स्तर अच्छा नहीं होता है। बाद में ऐसे छात्राें को आर्थिक और करियर के स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है।

सीधेडॉलर और पौंड मिलंेगे एकअन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत विदेश में पढ़ने के लिए स्काॅलरशिप की राशि सीधे डाॅलर या पौंड में मिलेगी। अभी तक संबंधित विभाग स्काॅलरशिप की राशि रुपए में तय करने के बाद डॉलर या पौंड में बदलकर छात्रों को देते रहे हैं। इससे कई बार एक्सचेंज रेट कम या ज्यादा होने से छात्रों के सामने फायदे और नुकसान की स्थिति बनी रहती थी।



इसके साथ ही स्कॉलरशिप के लिए कोर्सेस की संख्या भी बढ़ाई गई है। इनमें ज्यादातर कोर्स ऐसे हैं जिनमें रोजगार की संभावना अधिक है।

स्कॉलरशिपकी संख्या भी दस से पचास हुई

आयुक्तआदिवासी विकास विभाग ने बताया कि पहले विभाग द्वारा केवल दस छात्रों को ही स्कॉलरशिप दी जाती थी लेकिन अब संख्या बढ़ाकर पचास कर दी गई है। पिछले साल केवल आठ छात्रों ने ही स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था, लेकिन इस बार करीब 38 आवेदन आए हैं। अभी छात्रों को पांच से सात हजार डॉलर सालाना तक की स्कॉलरशिप दी जाती है।

तकनीकी शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार विदेशी विश्वविद्यालयों की सूची में विशेष तौर पर अमेरिका, कनाडा, यूरोप आस्ट्रेलिया के साथ ही एशिया के चुनिंदा देशों की यूनिवर्सिटीज को शामिल किया जाएगा। इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के लिए यूनिवर्सिटीज और संस्थानों की सूची तकनीकी शिक्षा विभाग बनाएगा, वहीं हायर एजुकेशन के लिए संस्थानों की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग और मेडिकल एजुकेशन के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग से सूची मांगी जाएगी।