तीन मिनट में चुनेंगे प्रोफेसर
बरकतउल्लायूनिवर्सिटी (बीयू) में फैकल्टी रिक्रूटमेंट की प्रक्रिया विवादाें में आने लगी है। वहां प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर असिस्टेंट प्रोफेसर के 41 पदों के लिए 25 सितंबर से चार दिन तक इंटरव्यू होंगे। इनके लिए 600 आवेदन आए हैं। सभी आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है। इसके चलते वहां एक दिन में औसतन 150 इंटरव्यू होंगे। जाहिर है, एक-एक इंटरव्यू महज दो से तीन मिनट में पूरा करना होगा। जानकारों ने इतनी कम अवधि को अपर्याप्त बताया है। उनका कहना है कि इस तरह इंटरव्यू की औपचारिकता ही पूरी होगी।
बीयू में लंबे समय बाद होने जा रही इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। रिक्रूटमेंट के लिए एक उम्मीदवार के बीस से चालीस मिनट के इंटरव्यू को आदर्श स्थिति मानी जाती है। जबकि बीयू ने इसके लिए महज तीन से पांच मिनट तक का ही समय निर्धारित किया है।
बताया जाता है कि विवि ने आवेदनों की स्क्रूटनी करने के बदले सभी आवेदकों को इंटरव्यू के लिए कॉल लेटर भेज दिए हैं। यह तक नहीं देखा गया कि इंटरव्यू के लिए कॉल किए गए उम्मीदवार पद हेतु निर्धारित योग्यता रखते भी हैं या नहीं। भर्ती की यह प्रक्रिया कानूनी दांवपेंच में उलझे इसके लिए बीयू ने पहले ही केविएट दायर कर दी है।
सब्जेक्ट एक्सपर्ट की पैनल के लिए राजभवन से नाम मांगे गए हैं। इस संबंध में कुलपति प्रो. मुरलीधर तिवारी ने सोमवार को राज्यपाल रामनरेश यादव से मुलाकात भी की।
औपचािरकता ही होगी
^यूनिवर्सिटीमें टीचिंग स्टाफ के रिक्रूटमेंट के लिए इंटरव्यू की अवधि प्रति उम्मीदवार बीस मिनट से एक घंटे की होती है। इन पदाें के लिए किसी भी उम्मीदवार को समझने के लिए इतना समय तो लग ही जाता है। पांच या दस मिनट में तो औपचारिकता ही निभाई जाती है।\\\'\\\' प्रो.उदय जैन, पूर्वकुलपति एपीएस यूनिवर्सिटी, रीवा
एक दिन में नहीं हो सकते 25 से ज्यादा इंटरव्यू
^यूनिवर्सिटीमें एक दिन में 20-25 से ज्यादा उम्मीदवारों के इंटरव्यू हो ही नहीं सकते। एक उम्मीदवार को कम से कम आधा घंटे का समय तो देना ही पड़ता है।\\\'\\\' प्रो.पीयूषत्रिवेदी, कुलपति,आरजीपीवी
कुलपति का तर्क -पात्र नहीं हैं 200 आवेदक
कुलपतिका तर्क है कि 600 में से 200 आवेदक पात्र ही नहीं है। इन 200 में से ज्यादातर आवेदक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। जरूरी क्वालिफिकेशन होने पर भी इन्होंने आवेदन कर