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समय पर टैक्स देने वालों को छूट का क्या औचित्य
लोकअदालत के बहाने शनिवार को इस साल के संपत्ति कर पर छह प्रतिशत छूट देने के नगर निगम के फैसले का विशेषज्ञों ने विरोध किया है। इस फैसले से निगम को संपत्ति कर में इस साल ही करीब सवा तीन करोड़ रुपए का नुकसान होने का अंदेशा है, जबकि जो लोग पहले ही समय पर टैक्स जमा कर चुके हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। इसी विसंगति पर विशेषज्ञों की आपत्ति है। उनका कहना है कि इससे शहर के विकास के लिए कम राशि मिलेगी अौर हर साल वक्त पर टैक्स जमा करने वालों का भरोसा भी टूटेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे फैसलों से लोग वक्त पर टैक्स जमा करने से हिचकेंगे। वे हर साल छूट का इंतजार करेंगे। नतीजतन निगम को आय नहीं होगी तो विकास कार्यों में देरी होगी। निगम ने 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत के लिए बीते सालों के संपत्ति कर की बकाया राशि में भी पेनाल्टी में छूट देने का फैसला लिया था। फिर इसे बदलकर इस साल के लिए लागू किया गया। यानी इस वित्तीय वर्ष में टैक्स जमा करने वालों को 5 प्रतिशत पेनाल्टी जमा करने की और कुल रकम पर भी छूट मिल जाएगी।
^हाईकोर्ट के निर्देश पर लोक अदालत का आयोजन हो रहा है। शासन ने इसमें संपत्ति कर के बकायादरों के मामले रखने के लिए कहा है। छह प्रतिशत की छूट भी निगम के एक्ट के तहत ही है। परिषद ने यह फैसला लिया है। हम बस पालन कर रहे हैं। वैसे यह हर साल दोहराई जाने वाली प्रक्रिया नहीं है, इसलिए निगम की अपेक्षा है लोग वक्त पर टैक्स जमा करें।\\\'\\\' जीपीमाली, अपरआयुक्त, नगर निगम
पहले कभी भी नहीं दी जाती थी छूट
तीनसाल पहले तक कभी भी पेनाल्टी में छूट नहीं दी गई। इसके बाद हर साल होने वाली लोक अदालत में निगम ने छूट का प्रावधान जुड़वा लिया। तब से नगर निगम हर साल यह छूट देता है। यानी यदि आप दो साल बाद भी टैक्स जमा करें तो पेनाल्टी से बच सकते हैं।
लोगों को छूट देने से 5.75 करोड़ रुपए का होगा नुकसान
निगमने अब तक करीब 60 करोड़ रुपए संपत्ति कर से वसूले हैं। करीब 3.25 लाख खाताधारकों में से दो लाख ने इसे जमा कर दिया है। बाकी बचे सवा लाख लोग शनिवार को टैक्स जमा करते हैं तो यह रकम करीब 55 करोड़ रुपए होगी। इस पर निगम पांच फीसदी पेनॉल्टी के हिसाब से 2.5 करोड़ रुपए की छूट देगा। इसी के साथ मूल राशि पर छह फीसदी की छूट से 3.25 करोड़ भी कम जमा होंगे। यानी निगम को 5.75 करोड़ रुपए का नुकसान होगा।
संप