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बीमारियों के सामान्य लक्षणों को करें नजरअंदाज

7 वर्ष पहले
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कैंसर के मरीज अक्सर तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जब उनकी बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है। ऐसे में उनको बचा पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। बीमारियों के सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फर्स्ट स्टेज पर ही कैंसर को पहचानने पर 80 प्रतिशत मरीजों को बचाया जा सकता है। यह कहना है कैंसर विशेषज्ञों का।

देशभर के कैंसर विशेषज्ञ राजधानी के होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में शनिवार से कैंसर के निदान के विभिन्न पहलुओं पर आयोजित परिचर्चा में हिस्सा लेने आए हैं। इस दौरान दैनिक भास्कर ने कई कैंसर राेग विशेषज्ञों से बातचीत कर पता लगाया कि विभिन्न तरह के कैंसर के सामान्य लक्षण क्या होते हैं और बीमारी की चपेट में आने से कैसे बचा जा सकता है। जानकारों ने लोगाें से जागरूक रहने को कहा है।

(जैसा कैंसर विशेषज्ञों ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया)

> रोजाना अधिक से अधिक फल और सब्जियां खाएं। अधिक नमक वाले और तेल से बने खाद्य पदार्थों से बचें। स्मोकिंग करें।

> सिगरेट पिएं। किसी अन्य व्यक्ति के स्मोकिंग करते वक्त उसके साथ रहें। सब्जी और फल से भरपूर भोजन करें।

पेट : डायरिया,पेट में जलन, भूख लगना, छाती में जलन बने रहना। दवा लेने से भी तकलीफ ठीक होना। भोजन पचना।

फेफड़े : एकमहीने से अधिक समय तक खांसी बंद होना। खांसी के साथ खून आना। चेस्ट इन्फेक्शन सांस लेने में तकलीफ होना।

> बच्चे को अधिक समय तक दूध पिलाएं। अपना वजन अधिक बढ़ने दें। हेल्दी डाइट लें। शारीरिक रूप से चुस्त दुरुस्त रहें।

>तंबाकू, गुटखा,पान मसाला या सुपारी खाएं। अपने डेंटिस्ट से परामर्श लेते रहें। खाने में अधिक से अधिक सब्जियां और फल खाएं।

ब्रेस्ट : स्तनके किसी भी हिस्से में गठान होना मवाद निकलना। स्तन के आकार में आसामान्य परिवर्तन और सूजन जाना।

ओरल : मुंहके भीतर सफेद छाले या लाल चकत्ते पड़ना। मुंह कम खुलना, बार-बार खून निकलना। भोजन चबाने या गटकने में दिक्कत।

डॉक्टर की बात मानें

^बीमारीके छोटे-छोटे लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कैंसर की समय पर पहचान होना जरूरी है। हालांकि इसके लिए जरूरी यह है कि मरीज डॉक्टर के निर्देशों को ध्यानपूर्वक सुनें और इनका पालन करें। कई बार मरीज इलाज के दौरान कोताही बरतते हैं और इससे दिक्कत कम होने के बजाय बढ़ जाती है।’’ डॉ.भावेश पारिख, प्रोफेसरकैंसर रोग विशे