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भोज विवि ने 35 हजार छात्रों को थमाई गलतियों से भरी मार्कशीट
भोज ओपन यूनिवर्सिटी की 35 हजार मार्कशीट्स में की गई गलतियां विवि प्रशासन को तब भारी पड़ गई जब एक छात्र से सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उसकी समस्या के बारे में पूछ लिया। छात्र ने एक साल तक गलती सुधारने वाले अधिकारी की मुख्यमंत्री से शिकायत कर दी। मुख्यमंत्री ने तत्काल दोषी अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दे दिए। अब विवि प्रशासन दोषी अधिकारी को बचाने के प्रयास कर रहा है। यूनिवर्सिटी ने सत्र 2012 -13 के छात्रों को जो मार्कशीट दी है, उनमें सैकड़ों छात्रों को एक पेपर में अनुपस्थित बता दिया गया है। कुछ मार्कशीट में विवि छात्र का नाम ही लिखना भूल गया तो कहीं छात्र का नाम मार्कशीट में दो-दो बार लिख दिया गया है।
मार्कशीट्स में गलती ठीक कराने के लिए परेशान हो रहे छात्र अब सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत कर रहे हैं। हाल ही में एक छात्र द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की गई शिकायत ने विवि की मुसीबत बढ़ा दी है। अंकसूची में नाम गलत प्रिंट होने पर एक साल तक विवि के चक्कर काटने के बाद जब गलती नहीं सुधारी गई तो छात्र ने सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का नंबर डायल कर दिया। इसके बाद छात्र की अंकसूची की गलती को सुधार दिया गया। लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया जब खुद मुख्यमंत्री ने सीधे छात्र से संपर्क कर उससे समस्या के निराकरण के बारे में पूछा। छात्र ने समस्या का निराकरण होना तो कबूला लेकिन देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की।
जिम्मेदारअधिकारी की तलाश: मुख्यमंत्रीने मुख्य सचिव को इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को कार्रवाई करने को कहा। विवि अब उन अधिकारियों को तलाश रहा है जो इस प्रकरण के लिए जिम्मेदार हैं। विवि के वरिष्ठ अधिकारी इस गड़बड़ी के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहरा रहे हैं।
स्टाफकी कमी से जूझ रहा विवि: रजिस्ट्रारडॉ. बी.भारती ने इन गड़बड़ियों के पीछे स्टाफ की कमी को मुख्य कारण बताया है। उनका कहना है कि शासन ने दो असिस्टेंट और एक डिप्टी रजिस्ट्रार के पद स्वीकृत किए हैं जिन पर अभी तक भर्ती नहीं की गई है। डायरेक्टर का पद संभाल रहे अधिकारियों के लगातार अवकाश पर रहने के कारण भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।