परिसीमन से उभरे समीकरण, भाजपा खुश
जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम के वार्डों की संख्या 85 कर परिसीमन करने के प्रस्ताव से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जबकि भाजपा इससे खुश है। वजह है कि नए परिसीमन में जिन 15 वार्डों को बढ़ाया गया है, उनमें से 12 वार्डों में अब तक के चुनावों में भाजपा को बढ़त मिलती रही है। जिन वार्डों का स्वरूप बदलकर नए वार्ड बनाए गए हैं, वे भी भाजपा के लिए मुफीद हैं। कांग्रेस के लिए राहत की बात सिर्फ यह है कि उत्तर विधानसभा में परिसीमन के बाद भी वह मजबूत है। वरिष्ठ कांग्रेसी पार्षदों का मानना है कि वोटों का ध्रुवीकरण होने पर पार्टी 13 में से 9 वार्ड में बढ़त हासिल कर सकती है। जबकि गोविंदपुरा, हुजूर और नरेला में कांग्रेस को काफी नुकसान हो सकता है।
वेबसाइटपर देख सकते हैं परिसीमन और वार्ड के नक्शे
शनिवारको सरकारी छुट्टी का दिन होने के कारण लोग नगर निगम या कलेक्टोरेट में परिसीमन का प्रस्ताव नहीं देख पाए। अब सोमवार को लोग प्रस्ताव देखने के साथ ही अपनी आपत्तियां भी दर्ज करा सकेंगे। हालांकि लोगों की इस असुविधा को देखते हुए निगम ने शनिवार देर रात अपनी वेबसाइट bmconline.gov.in पर नए वार्डों के नक्शे और उनकी चतुर्सीमा का विवरण अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही मौजूदा वार्डों, जोन ऑफिस, कोलार नपा कार्यालय और निगम मुख्यालय में भी इस विवरण को चस्पा किया जा रहा है।
85 नंबर सबसे छोटा वार्ड, 28 सबसे बड़ा
अबदीपड़ी, छान, रापड़िया बर्रई काे मिलाकर बनाया गया वार्ड नंबर 85 सबसे छोटा वार्ड होगा। यहां आबादी महज 15108 है। जबकि वार्ड 28 में सबसे ज्यादा आबादी 26217 है।
बेहतर स्थिति में है भाजपा
^आबादी,क्षेत्र और भौगोलिक सीमाओं को देखकर परिसीमन किया जाता है। यह कहना गलत है कि वोट बैंक के हिसाब से परिसीमन किया जाता है। वैसे भी आप लोकसभा चुनाव के परिणाम उठा लीजिए। कैसा भी परिसीमन हो जाए, भाजपा बेहतर स्थिति में है। कृष्णागौर, महापौर
गलत तरीके से बढ़ाया क्षेत्र
^निगमका क्षेत्र गलत तरीके से बढ़ाया गया है। फिर परिसीमन के बारे में क्या कहें? भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया है। हम इसका विरोध करते हैं और आपत्तियों के बाद यदि इसे ठीक नहीं किया तो जनता चुनाव में भाजपा को जवाब देगी। कैलाशमिश्रा, परिषदअध्यक्ष, नगर निगम
पार्षद राहत
कृष्णमोहनसोनी वार्ड2, 3 अौर 6 का क्षेत्र मौजूदा क्षेत्र से लिया गया है।