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मकान के लिए पूरे पैसे देने के 4 साल बाद भी पजेशन का इंतजार

7 वर्ष पहले
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दीपकशाह पिछले चार साल से सेकंड स्टॉप स्थित तुलसी टॉवर्स का निर्माण पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड ने उनसे फ्लैट के लिए 43 लाख रुपए जमा करवा लिए हैं, लेकिन मौके पर 11 मंजिल में से सिर्फ ग्राउंड फ्लोर की ही छत डली है। यानी शाह को अभी अपने फ्लैट के लिए दो से तीन साल और रुकना पड़ेगा। ऐसा सिर्फ शाह के साथ ही नहीं है। हाउसिंग बोर्ड और भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) की देरी की वजह से करीब 6500 प्लॉट और फ्लैट खरीदार परेशान हैं। दोनों ही एजेंसियां खरीदारों से मकान की पूरी कीमत लेने के बाद भी उन्हें तय समय पर पजेशन नहीं दे रही हैं।

हाउसिंग बोर्ड और बीडीए ने बीते पांच सालों में करीब 1300 करोड़ रुपए के 13 प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं। इसके तहत अब तक 11 हजार प्रॉपर्टी बुक हो चुकी हैं। इनमें से करीब 70 फीसदी ऐसी हैं, जिनका पजेशन खरीदारों को मिल जाना चाहिए था, लेकिन एजेंसियां महज 753 प्रॉपर्टी का ही पजेशन दे पाई हैं।

बोर्ड और बीडीए की शर्तों के मुताबिक पजेशन के समय मकान की जो भी अंतिम लागत आती है, उसका भुगतान खरीदारों को ही करना होता है। हाउसिंग बोर्ड के खरीदारों को चार लाख रु. तक अधिक चुकाना होंगे।

मकान के लिए बैंक से लोन लिया। इसका ब्याज और किस्तें लगातार भरनी पड़ रही हैं। साथ ही वे जिस मकान में रह रहे हैं, वहां का किराया भी देना पड़ रहा है। वहीं, मकानों की लागत में इजाफा भी हो रहा है।

योजना शुरू काम हुआ पूरी होना थी अब डेडलाइन

तुलसीटाॅवर्स 2010 5%अगस्त 2013 वर्ष 2017

कीलनदेव टाॅवर्स 2010 25%दिसंबर2012 वर्ष 2016

एयरोसिटी 2012 55%दिसंबर2014 वर्ष 2015

राजाभोज 2011 80%वर्ष2013 जनवरी 2015

कटारा हिल्स 2010 90%वर्ष2012 मार्च 2015

सलैया अफोर्डेबल 2012 82%वर्ष 2014 जुलाई 2015

बोर्ड अाॅफिस के पास बीडीए का निर्माणाधीन कीलनदेव टॉवर्स। फोटो |भास्कर

बिना प्लानिंग लॉन्च

^बोर्डने हमसे 65 प्रतिशत पैसा भी ले लिया, लेकिन काम जमीन पर नहीं दिख रहा। कोई यह बताने वाला है कि कब काम पूरा होगा? बिना प्लानिंग के ही बोर्ड ने प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया और इसका नतीजा हम भुगत रहे हैं। मनोजजैन, उपाध्यक्ष,कीलनदेव टॉवर्स ऑनर्स एसोसिएशन

टेंडरमें देरी का बहाना

^सहीरेट मिलने के कारण फिर से टेंडर करने पड़ते हैं। इसके चलते कुछ देरी हो जाती है। फिर भी हमारा प्रयास है कि