5 लाख लोगों का होगा चैकअप
भोपालगैस त्रासदी के 20 साल बाद अब पांच लाख से अधिक गैस पीड़ितों का दोबारा कंप्लीट हेल्थ चैकअप किया जाएगा। बीएमएचआरसी की एपेडेमेलॉजी कमेटी ने अस्पताल प्रशासन को पांच प्रतिशत लोगों की बजाय सभी गैस पीड़ितों का हेल्थ चैकअप करने का सुझाव दिया है। इसे बीएमएचआरसी प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है। अब अगले दो महीने में साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी और आईसीएमआर की मंजूरी के बाद हेल्थ चैकअप की प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्ष 1987 से 1992 के बीच गैस पीड़ितों का एक बार हेल्थ चैकअप हुआ है। इसके बाद से अलग-अलग बीमारियों के मुताबिक उनका इलाज चल रहा है। बड़े पैमाने पर अब तक हेल्थ चैकअप नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट भी बीएमएचआरसी को गैस पीड़ितों का चेकअप करने का आदेश दे चुका है। बीएमएचआरसी के डायरेक्टर डॉ. मनोज पांडे ने बताया कि इतना समय बीतने के बाद अब गैस पीड़ित किस-किस तरह की बीमारी से घिरे हैं, यह जानकारी लेने के लिए यह कवायद की जाएगी।
ऐसेहोगा हेल्थ-चेकअप: डॉक्टरपहले मरीज की जांच करेंगे। इसके बाद कंप्लीट ब्लड टेस्ट, रीनल फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, लिवर फंक्शन आदि की जांच कराई जाएगी।
करीब 30 हजार गैस पीड़ितों की हो चुकी है मौत: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, गैस पीड़ितों की संख्या 5.76 लाख है। इनमें से करीब 30 हजार गैस पीड़ितों की अब तक मौत हो चुकी है। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि करीब 5 लाख गैस पीड़ित हेल्थ चेकअप कराने प्रस्तावित कैंप में आएंगे।