नगर निगम चुनाव
आज से 19 तक जुड़ेंगे वोटर लिस्ट में नाम
दोबारा हुए वार्ड आरक्षण में कुछ दावेदारों के चेहरे खिले तो कुछ के हिस्से आई मायूसी
हाईकोर्टके आदेश के बाद फिर से हुए वार्ड परिसीमन में 85 वार्डों की सीमाओं में भले ही सरकार ने बदलाव नहीं किया, लेकिन इनमें आरक्षण के लिए बुधवार को निकली लॉटरी ने पार्षद पद के कई दावेदारों के समीकरण बिगाड़ दिए। कुछ की किस्मत ने फिर से साथ दिया तो कुछ की दगा दे गई। कुछ वरिष्ठ पार्षद तो वार्ड आरक्षण के कारण चुनाव लड़ने से पहले ही बाहर हो गए हैं। आरक्षण के लिए दोबारा हुई लाॅटरी के बाद 20 ऐसे वार्ड रहे, जिनमें बदलाव नहीं हुआ, जबकि 65 वार्डों में आरक्षण की तस्वीर बदल गई है। इस बार कोलार और बैरागढ़ क्षेत्र को राहत मिली है। यहां 12 वार्डों में सिर्फ दो वार्ड ही ओबीसी और एससी के लिए आरक्षित हुए हैं।
गांधी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में शुरू हुई आरक्षण प्रक्रिया को शोरशराबे और हंगामे के कारण दो बार रोकना पड़ा। करीब दो घंटे चली प्रक्रिया में 85 में से 50 वार्ड अनारक्षित रहे। इसमें से 24 वार्ड अनारक्षित महिलाओं के लिए हैं। एससी और एसटी का आरक्षण आबादी के आधार पर हुआ।
कांग्रेस पार्षद शाहिद अली, सुधीर गुप्ता, अब्दुल शफीक, अकबर, अनवर खां, कल्पना गोहिल, महेंद्र परमार, प्रवीण सक्सेना, मोनिका तेजू जैन, एमआईसी सदस्य नारायण पाल और भाजपा पार्षद साधना नायक, किशन चुरेंद्र आदि की किस्मत ने दूसरी बार की लॉटरी में भी उनका साथ नहीं दिया।
किस्मत पलटी तो झूम उठे कार्यकर्ता
इनकी मुराद पूरी : निगमपरिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा मेयर पद की दावेदारी जता रहे हैं, उनकी नजर वार्ड 8 से पार्षद के पद पर भी हंै। यह वार्ड अनारक्षित होने से उनकी उम्मीदें बढ़ गई हैं। ऐसे ही एमआईसी सदस्य विष्णु राठौर, भाजपा पार्षद सुरजीत चौहान, नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर, कांग्रेस पार्षद गिरीश शर्मा, रफीक कुरैशी, रेहान गोल्डन, संतोष कंसाना, आशाराम शर्मा, साजिद अंसारी, कांग्रेस से तुफैल सिद्दीकी, विष्णु विश्वकर्मा को अपने ही वार्ड से लड़ने का मौका मिल सकता है।
वार्ड नाम आरक्षण की आरक्षण की क्रं पुरानी स्थिति नई स्थिति
44सुभाष चंद्र बोस ओबीसी ओबीसी महिला
45 इंदिरा गांधी अनारक्षित अनारक्षित
46 रविशंकर शुक्ल अना. महिला अनारक्षित
47 राजेंद्र प्रसाद एससी महिला एससी
48 अरेरा कॉलोनी एससी महिला