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अब किराएदारों का वेरिफिकेशन आसान

7 वर्ष पहले
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आपकोअपने किराएदार का वेरिफिकेशन कराना हो या नौकर का, अब इसके लिए पुलिस थाने के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। थाने में किराएदार और नौकर के दस्तावेज जमा करते ही पुलिस तुरंत आपको बता देगी कि उसका देश के किसी भी थाने में आपराधिक रिकाॅर्ड तो नहीं है।

क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अफसरों का दावा है कि प्रदेश में इसे साल के आखिर में शुरू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से प्रदेश के सभी थाने इंट्रानेट के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे। इससे वेरिफिकेशन प्रक्रिया आसान हो जाएगी। डीजीपी नंदन दुबे का दावा है कि साल के अाखिरी तक इस व्यवस्था का फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए बीते हफ्ते पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। केंद्र सरकार ने साल 2009 में सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट का ऐलान किया था। दो हजार करोड़ रुपए के बजट वाले इस प्रोजेक्ट के तहत देश के सभी थानों को एक-दूसरे से जोड़ा जा रहा है। राज्य स्तर पर स्टेट डाटा सेंटर तैयार कर लिया गया है, जिसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय भी अपनी जानकारियां शेयर करेंगे। इसके जरिए सभी थाने पुलिस मुख्यालय से भी 24 घंटे संपर्क में रह सकते हैं। डाटा सेंटर के लिए पिछले 10 साल के अपराधियों का रिकॉर्ड, फोटो, अपराधों की संख्या आदि कप्यूटर में दर्ज कर ली है।

बार-बारबदलती रही प्रोजेक्ट की डेडलाइन

तत्कालीनकेंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2012 की शुरुआत में लागू कर देने का ऐलान किया था। लेकिन इसके बाद मई 2013 की डेडलाइन आई और फिर बार-बार डेडलाइन बदलती रही। अब इस साल के अंत तक की डेडलाइन तय की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह काम एचसीएल टेक्नोलॉजीस कंपनी को सौंपा गया है।

भोपाल की अनुमानित जनसंख्या 19लाख

अनुमानित किराएदार 2.5लाख

किराएदार/नौकर का हुआ वेरिफिकेशन 10हजार

> घर बैठे पर्सनल कंप्यूटर से भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।

> शिकायत पर जांच की प्रगति भी ऑनलाइन जान सकते हैं।

> इससे किराएदार, नौकर, पासपोर्ट या अन्य किसी भी उपयोग के लिए पुलिस वेरिफिकेशन आसानी से हो जाएगा।

> पुलिस थाने में कागजी काम भी ऑनलाइन हो जाएगा। इससे स्टाफ का समय भी बचेगा। लोगों को भी सुविधा होगी।