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सरकार ने मांगा कुलपतियों की विदेश यात्रा का हिसाब
बरकतउल्लाविश्वविद्यालय के कुलपति की विदेश यात्रा का भुगतान विवादों में आने के बाद राज्य सरकार ने सभी कुलपतियों की विदेश यात्रा की जानकारी निकालनी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने बीयू सहित दस विश्वविद्यालयों को पत्र भेजे हैं। इसमें कुलपतियों की विदेश यात्रा और उनके अवकाश का ब्यौरा मांगा है। इस संबंध में राजभवन से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बीयू के कुलपति प्रो. एमडी तिवारी ने गत अगस्त में डेनमार्क की यात्रा की थी। राजभवन और उच्च शिक्षा विभाग ने इसे पर्सनल मानते हुए खर्चे का भुगतान शासन या यूनिवर्सिटी स्तर से करने से इंकार किया था। विवि की वित्त अधिकारी और ऑडिट ने भी यूनिवर्सिटी के मद से इसका भुगतान करने से मना कर दिया था। इस मामले के चर्चा में आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने यह कदम उठाया है। विभाग के उप सचिव डॉ. आरके विजय के अनुसार शासन के पास इस बात की जानकारी नहीं है कि कुलपतियों को विदेश यात्राओं की मंजूरी थी भी या नहीं।
बीयू भोपाल, देवी अहिल्या इंदौर, जीवाजी ग्वालियर, रानी दुर्गावती जबलपुर, एपीएस रीवा, विक्रम उज्जैन, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि भोपाल, भोज ओपन भोपाल, चित्रकूट ग्रामोदय चित्रकूट और संस्कृत पतंजलि संस्थान उज्जैन।
इस बीच बीयू में कुलपति और वित्त अधिकारी भुगतान को लेकर आमने-सामने गए हैं। बीयू प्रशासन ने वित्त अधिकारी विजय लक्ष्मी बारस्कर की कैजुअल लीव अधिक हो जाने पर उनका दो दिन का वेतन काट लिया, जिससे मामला और गरमा गया है। चर्चा है कि कुलपति की विदेश यात्रा के भुगतान पर आपत्ति लगाने के कारण ही वित्त अधिकारी का वेतन काटने की कार्रवाई हुई है। इस संबंध में वित्त अधिकारी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। रजिस्ट्रार एलएस सोलंकी ने इसे नियम के अंतर्गत की गई कार्रवाई बताया है।