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मैनिट करेगा स्मार्ट मीटर और पाॅवर ग्रिड पर रिसर्च
मौलानाआजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) स्मार्ट मीटर और पॉवर ग्रिड के क्षेत्र में आॅस्ट्रेलिया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी मिलकर शोध करेगा। दोनों संस्थानों के बीच जल्द ही इसके लिए करार की तैयारी की जा रही है। इस करार के तहत मैनिट में स्मार्ट ग्रिड की एक लेबोरेटरी स्थापित कर पूरा सेटअप तैयार किया जाएगा, जहां दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ मिलकर काम करेंगे। इस सेटअप को तैयार करने में मैनिट के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की मुख्य भूमिका रहेगी।
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक सिंह तोमर के अनुसार इस नए प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए विक्टोरिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पॉवर ग्रिड के विशेषज्ञ डॉ. अख्तर कलाम ने की ओर से सहमति मिल चुकी है। आस्ट्रेलिया की इस यूनिवर्सिटी के साथ ही सेंट्रल पॉवर रिसर्च इंस्टीट्यूट भोपाल भी इस क्षेत्र में शोध अनुसंधान के लिए मैनिट के साथ करार करेगा। इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राघवन भी इसके लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। डॉ. तोमर ने बताया कि आस्ट्रेलिया में सूचना प्रौद्योगिकी कंप्यूटिंग के उपयोग से ऊर्जा प्रबंधन की दिशा में काफी काम किया जा रहा है।
करीब 90 फीसदी ऊर्जा खपत के लिए आस्ट्रेलिया में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। भारत में भी यह प्रयास शुरुआती दौर में है। उन्होंने बताया कि अभी कर्नाटक में स्मार्ट ग्रिड लगाई गई है तथा जल्द ही यह बाकी राज्यों में भी लगाई जा रही है। उनका कहना है कि इस समय ऊर्जा प्रबंधन सबसे ज्यादा ज्वलंत मुद्दा है। इसी को ध्यान में रखते हुए मैनिट ने इस दिशा में रिसर्च की योजना तैयार की है।
यह होंगे रिसर्च के फायदे
डॉ. तोमर के अनुसार आने वाले समय में स्मार्ट मीटर बिजली चोरी के साथ ही इसके दुरुपयोग को भी रोकेंगे। अभी तक उपभोक्ता चुंबक का उपयोग की मीटर में छेड़छाड़ करते हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर में ऐसा करना संभव नहीं हो सकेगा। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह आईटी पर आधारित टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे। इससे केवल बिजली की चोरी रुकेगी बल्कि ऊर्जा की बचत भी होगी।