पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • \"योग और भक्ति हैं ईश्वर को पाने के दो मार्ग\'

\"योग और भक्ति हैं ईश्वर को पाने के दो मार्ग\'

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भोपाल| ईश्वरको पाने के लिए योग और भक्ति दो मार्ग हैं। इन पर चलकर ही मनुष्य परमात्मा का सान्निध्य प्राप्त कर सकता है। यह बात जनसंत देवनाथ महाराज ने कही। वे अशोका गार्डन में संगीतमय हरिकथा \\\'गोविंद मेरो है..., गोपाल मेरो है...\\\' में गुरुवार को बोल रहे थे। उन्होंने प्रसंगों के माध्यम से बताया कि कृष्ण को पूर्णावतार और राम को अंश अवतार क्यों कहते हैं। विश्वमुख हरिकथा आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश चतुर्वेदी के अनुसार कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीसी शर्मा, ननि परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, ओपी शर्मा, सुल्तान सिंह शेखावत, अभिषेक तिवारी आदि ने व्यास पीठ की पूजा की।

उन्होंने बताया कि आठ नवंबर को कथा का समापन होगा। कथा का समय दोपहर तीन से शाम छह बजे तक है।